उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में 26 नवंबर 2025 को जारी विज्ञापन के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अगले आदेशों तक रोक रहेगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 दिसंबर की तिथि नियत की है।मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले के अनुसार पूर्व अतिथि शिक्षिका डॉ. प्रियंका ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 26 नवंबर 2025 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी थी। याचिका में कहा था कि विवि के विधि संकाय सहित कई विभागों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। याचिका में कहा कि जब उनका मामला अदालत में विचाराधीन है, तो नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने स्वयं अदालत में अपनी दलीलें रखीं।
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याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि विवि में एक दलित छात्रा ने शारीरिक और मानसिक शोषण के आरोप किसी पर लगाए थे। इस मामले में डॉ. प्रियंका ने गवाही दी थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित दो जांच समितियों ने विधि विभागाध्यक्ष, एक अतिथि शिक्षक और एक शोधार्थी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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