स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, जिस व्यक्ति संतोष पाठक पर महिला से मारपीट का आरोप है, वह किसी भी राजनीतिक दल का पदाधिकारी या घोषित भाजपा नेता नहीं है। बताया जा रहा है कि संतोष पाठक बीते करीब 6 वर्षों से बहरी क्षेत्र में एक पर्सनल यूट्यूब चैनल के माध्यम से पत्रकारिता का कार्य कर रहा है और खुद को पत्रकार बताता है। इसी आधार पर जीतू पटवारी के पोस्ट को लेकर “गलत पहचान” और “भ्रामक प्रस्तुति” के आरोप लगाए जा रहे हैं।
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उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला 08 फरवरी 2026 की सुबह का है, जब बहरी बाजार में गोमती लगाकर जीवन यापन करने वाली हेमा सिंह और संतोष पाठक के बीच विवाद हुआ। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहले गाली-गलौज और चप्पल चलने की स्थिति बनी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया।
इस बीच जीतू पटवारी के पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर यह मांग भी उठने लगी है कि किसी भी संवेदनशील मामले में पोस्ट करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है, ताकि किसी व्यक्ति या वर्ग को गलत तरीके से राजनीतिक रंग न दिया जाए।
वहीं बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे ने स्पष्ट किया है कि महिला की शिकायत पर मारपीट का मामला दर्ज कर लिया गया है और वायरल वीडियो सहित सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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