Bageshwar News: बागेश्वर की बेटी मानसी विश्वकर्मा ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर वो कर दिखाया, जिसका सपना हर एनसीसी कैडेट देखता है. गणतंत्र दिवस की परेड में उत्तराखंड की इस जांबाज लड़की ने 148 महिला कैडेटों की टुकड़ी का नेतृत्व किया. यह पहला मौका है जब उत्तराखंड की किसी बेटी ने इतने बड़े मंच पर कमान संभाली हो. कड़ाके की ठंड में घंटों की प्रैक्टिस और प्रधानमंत्री से मिलने तक का उनका यह सफर हर लड़की के लिए एक बड़ी मिसाल है.
पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर की छात्रा हैं मानसी
मानसी विश्वकर्मा 81 यूके बटालियन एनसीसी की सीनियर अंडर ऑफिसर हैं और बागेश्वर के पंडित बद्रीदत्त पांडे परिसर में पढ़ाई कर रही हैं. उनकी इस बड़ी उपलब्धि से पूरे बागेश्वर जिले और कॉलेज में खुशी की लहर है. दिल्ली से घर लौटने पर लोकल 18 की टीम ने उनसे खास बातचीत की, जहां उन्होंने अपने कड़े संघर्ष और अनुभव साझा किए.
तपती धूप और कड़ाके की ठंड में भी प्रैक्टिस
मानसी ने बताया कि कर्तव्य पथ तक पहुंचने का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. इसके लिए उन्हें बटालियन और निदेशालय स्तर पर कई मुश्किल चयन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा. उन्होंने बताया कि चयन के बाद रोजाना घंटों तक परेड का अभ्यास करना, अपनी फिटनेस को बनाए रखना और सख्त अनुशासन का पालन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. कड़ाके की ठंड और शारीरिक थकान के बावजूद मानसी ने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय 81 यूके बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल सत्येंद्र त्रिपाठी, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. कमल किशोर जोशी और अपने परिवार के अटूट सहयोग को दिया है.
साहसिक खेलों की शौकीन और आत्मविश्वास से लबरेज
मानसी केवल परेड में ही नहीं, बल्कि एडवेंचर स्पोर्ट्स में भी माहिर हैं. वे पर्वतारोहण (Mountaineering), राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी चुनौतीपूर्ण गतिविधियों में प्रशिक्षित हैं. मानसी का मानना है कि इन साहसिक खेलों ने ही उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास पैदा किया, जिसकी वजह से वे इतने बड़े मंच पर नेतृत्व कर पाईं.
प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने तक थपथपाई पीठ
गणतंत्र दिवस शिविर के दौरान मानसी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सुनहरा अवसर मिला. इसके अलावा उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें सम्मानित कर उनकी पीठ थपथपाई है.
आज मानसी की सफलता उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने वाली हजारों बेटियों के लिए एक नई प्रेरणा बन गई है. युवाओं को संदेश देते हुए मानसी ने कहा कि “अगर आपका लक्ष्य साफ है और आप कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं, तो दुनिया की कोई भी मंजिल आपसे दूर नहीं है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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