Badhangarhi Trek: चमोली जिले की पहाड़ियों में बसा बधाणगढ़ी ट्रेक आज उन लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जो भीड़ से दूर शांति, रोमांच और आस्था तीनों का अनुभव एक साथ करना चाहते हैं. घने जंगल, खुले बुग्याल और प्राचीन मंदिर तक ले जाता यह ट्रेक प्रकृति प्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार सफर साबित होता है.
बधाणगढ़ी ट्रेक का रास्ता घने बांज, बुरांश और देवदार के जंगलों से होकर गुजरता है. जंगलों के बीच चलती ठंडी हवा, पक्षियों की चहचहाहट और चारों ओर फैली हरियाली यात्रियों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती है. रास्ते में पड़ने वाले हरे-भरे बुग्याल इस ट्रेक की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं. साफ मौसम में यहां से हिमालय की ऊंची चोटियों के शानदार नजारे भी देखने को मिलते हैं.
बागेश्वर के पर्वतारोही भुवन चौबे ने लोकल 18 को बताया कि बधाणगढ़ी ट्रेक को मध्यम श्रेणी का ट्रेक माना जाता है. इसमें बहुत अधिक खड़ी चढ़ाई नहीं है, जिससे सामान्य फिटनेस वाला व्यक्ति भी इसे आसानी से पूरा कर सकता है. नए ट्रेकर्स और परिवार के साथ आने वाले लोग भी हल्की तैयारी के साथ इस ट्रेक का आनंद ले सकते हैं. सही मौसम में यह ट्रेक हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त रहता है.
इस ट्रेक का सबसे बड़ा आकर्षण यहां स्थित प्राचीन बधाणगढ़ी मंदिर है. यह मंदिर आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं. धार्मिक पर्वों और विशेष अवसरों पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. ट्रेक पूरा कर मंदिर तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव बन जाता है.
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पैदल सफर का आनंद भी है खास
बधाणगढ़ी मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क के आखिरी छोर से पैदल यात्रा करनी पड़ती है. अंतिम मोटर मार्ग से मंदिर की दूरी करीब 4 से 5 किलोमीटर है. यह पैदल रास्ता जंगलों और खुले घास के मैदानों से होकर गुजरता है, जो यात्रा को थकाने के बजाय आनंदमय बना देता है. सामान्य गति से चलते हुए मंदिर तक पहुंचने में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है. खास बात यह है कि इस ट्रेक की पैदल शुरुआत एसएसबी ग्वालदम के परिसर के पास से होती है.
बधाणगढ़ी ट्रेक के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से जनवरी का समय सबसे बेहतर माना जाता है. इस दौरान मौसम साफ रहता है और रास्ते सुरक्षित होते हैं. अगर आप भीड़-भाड़ से दूर प्रकृति के बीच शांति, रोमांच और आस्था का अनोखा अनुभव करना चाहते हैं, तो चमोली का बधाणगढ़ी ट्रेक आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है.