Gehu Ki Kheti Tips: गेहूं की खेती झारखंड बिहार में बड़े पैमाने पर की जाती है. ऐसे में पारंपरिक खेती किसानों के गेहूं के फसल में कई समस्या लेकर आती है. जिसमें किसानों को आधुनिक तकनीक की ओर आगे बढ़ना जरूरी है. ताकि उन्हें अच्छा उत्पादन मिल सके. इसके साथ गेहूं के फसल में अच्छी उपज पाने के लिए सबसे खाद तौर पैर गेहूं के बुवाई से चार घंटा पहले एक काम करने की जरूरत है.
दरअसल, गेहूं की खेती के लिए बुवाई का समय 15 दिसंबर तक होता है. वहीं खेत के तैयारी नहीं होने पर किसान 15 जनवरी तक भी इसकी बुवाई कर सकते है. कृषि विशेषज्ञ डॉ.अखिलेश शाह ने लोकल18 को बताया कि जो किसान समय पर बुआई करते है.

प्रति हेक्टेयर किसानों को 100 किलो बीज की मात्रा समय पर बुवाई करने पर लगाना चाहिए. वहीं जो किसान देर से बुवाई करते है. वो 25 प्रतिशत बीज की मात्रा जरूर बढ़ाए.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश शाह ने आगे बताया कि किसानों को बुआई से 4 घंटे बीज उपचार करना बेहद जरूरी है. ताकि फसल में लगने वाले कीड़ों और व्याधियों से बचाया जा सके.
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उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी भी शिशु के जन्म होने पर टीका दिया जाता है. ठीक वैसे किसी भी फसल की खेती से पहले बीज उपचार जरूर करें.उन्होंने कहा कि गेहूं के फसल में बीज उपचार के लिए साफ नामक दवा जो की फंगीसाइड होता है.

उसका इस्तेमाल करे. इसके लिए 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से मिलाकर 4 घंटे के लिए छोड़ दीजिए. उसमें थोड़ा पानी देकर मिक्स कर दें. इसके बाद चार घंटे बाद बुवाई करें, ताकि फसल के उत्पादन और उपज में फायदा हो सके.
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