ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने कहा कि अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है, लेकिन इस बार तीन राशियों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत बताई जा रही है. ये तीन राशियाँ हैं.मेष राशि, सिंह राशि और धनु राशि है.
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य :
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुगल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है.भारत में यह चंद्र ग्रहण शाम 5 बजकर 59 मिनट पर चंद्रोदय के साथ शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. यानी लगभग 48 मिनट तक इसका प्रभाव रहेगा.चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इस दौरान चंद्रमा का प्रकाश कम हो जाता है और वह कुछ समय के लिए धुंधला दिखाई देता है.
तीन राशियों के ऊपर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव :
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है, लेकिन इस बार तीन राशियों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत बताई जा रही है. ये तीन राशियाँ हैं.मेष राशि, सिंह राशि और धनु राशि.
इन तीन राशियों को सावधान रहने की जरूरत:
मेष राशि वालों को इस समय मानसिक तनाव और चिंता का सामना करना पड़ सकता है.अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा.किसी से विवाद या बहस से बचें और धैर्य बनाए रखें.
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है.कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतें और किसी भी बड़े निर्णय को लेने से पहले अच्छी तरह विचार करें.स्वास्थ्य के प्रति भी लापरवाही न करें.छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने की बजाय समय पर ध्यान देना बेहतर रहेगा.
धनु राशि वालों को इस दौरान भावनात्मक रूप से थोड़ा अस्थिर महसूस हो सकता है. परिवार या करीबी लोगों के साथ मतभेद हो सकते हैं.इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और शांत रहकर स्थिति को संभालने की कोशिश करें.अनावश्यक यात्राओं से बचना भी लाभदायक रहेगा.
ग्रहण के समय मंत्र जाप जरूरी :
हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि ग्रहण का प्रभाव स्थायी नहीं होता. कुछ समय बाद स्थितियां सामान्य हो जाती हैं.ऐसे समय में सकारात्मक सोच, संयम और सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है.इस प्रकार फाल्गुन पूर्णिमा का यह चंद्र ग्रहण खगोलीय घटना होने के साथ-साथ ज्योतिषीय रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.विशेषकर मेष, सिंह और धनु राशि वालों को इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी संभावित नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके.
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