सिरोही जिले के रेवदर उपखंड अंतर्गत कम्बोइया खेड़ा गांव में एक व्यक्ति ने पत्नी के पीहर जाने और समय पर वापस न आने से नाराज होकर करीब 20 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़कर अपनी जान देने की धमकी दी। उसने गले में रस्सी बांध ली और बार-बार नीचे कूदने की कोशिश की। घटना से गांव और प्रशासन में हड़कंप मच गया। लगभग 19 घंटे की समझाइश और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह सवा पांच बजे उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला रेवदर उपखंड के कम्बोइया खेड़ा गांव का है। स्थानीय निवासी डामराराम (38) पुत्र करसन कोली शनिवार को अपनी पत्नी कलुदेवी के साथ उसके पीहर गया था। लेकिन रविवार को पत्नी उसके साथ वापस नहीं लौटी। इसी बात से नाराज होकर डामराराम ने गांव के समीप एक 20 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़कर नाराजगी जताई। उसने पेड़ से एक रस्सी अपने गले में बांध ली और नीचे कूदने की धमकी देने लगा।
जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने डामराराम को नीचे उतारने के लिए समझाइश शुरू की। कुछ लोगों ने पेड़ पर चढ़कर उसे नीचे लाने की कोशिश भी की, लेकिन हर बार वह नीचे कूदने की धमकी देकर उन्हें रोक देता। इससे गांव में दहशत का माहौल बन गया और स्थिति गंभीर हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरसिंह चौहान, उपखंड अधिकारी राजन लोहिया, तहसीलदार मंजू देवासी, रेवदर पुलिस थानाधिकारी सीताराम, अनादरा थानाधिकारी कमलेश गहलोत, एएसआई नरेन्द्रसिंह, नायब तहसीलदार जब्बरसिंह, प्रशासक भवानीसिंह देवड़ा एवं पटवारी अजय जोशी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग से पूरी रात युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए। एक खाट पर बड़े-बड़े टायर लगाकर पेड़ के नीचे रखा गया ताकि यदि वह गिरे तो ज्यादा नुकसान न हो। काफी मशक्कत के बाद दो युवकों को पेड़ पर चढ़ाकर डामराराम को नीचे उतारा गया।
सोमवार सुबह सवा पांच बजे डामराराम को सुरक्षित नीचे उतारा गया। उसे तत्काल रेवदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद सिरोही भेज दिया गया। प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। मामले में कोई आपराधिक पहलू नहीं होने के कारण प्रशासन ने इसे संवेदनशीलता से संभाला।
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