जिला मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत मागंरोल के कार्यालय में एक युवक ने आग लगा दी। आग से कार्यालय में रखा फर्नीचर, कम्प्यूटर, फाइलें आदि जल गया। युवक का आरोप है कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। घटना के दौरान मौके पर ग्रामीण जमा हो गए और युवक को पकड़ लिया। इसी बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को पुलिस को सौंप दिया। वहीं घटना का किसी ने वीडियो भी बनाया, जो वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार आरोपी 40 वर्षीय गोपाल भाभर पिता राधेश्याम भाभर निवासी ग्राम मांगरोल शुक्रवार सुबह करीब पौने ग्यारह बजे पेट्रोल से भरी बोतल व माचिस लेकर पंचायत भवन कार्यालय पहुंचा। वहां उपस्थित लोगों ने उसे बाहर निकालकर पंचायत कार्यालय का दरवाजा लगा दिया। इसके बाद भी वह नहीं माना तथा कार्यालय का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचा और कार्यालय में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इससे कार्यालय में रखी टेबल, कम्प्टूयर व फाइलों ने आग पकड़ ली। कुछ लोग कार्यालय में पहुंचे तथा आग बुझाई लेकिन तब तक फाइलें, कम्प्टूयर, टेबल आदि जल चुके थे। खबर फैलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आरोपी वहां से जाने लगा तो ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।
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सूचना मिलने पर सरपंच गायत्री चौधरी में पंचायत कार्यालय पहुंची तथा घटना स्थल देखा। इसी बीच सालाखेड़ी चौकी प्रभारी (एसआई) जगदीश यादव व अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंचे तथा गोपाल को गिरफ्तार कर लिया। सालाखेड़ी चौकी प्रभारी जगदीश यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत के सहायक सचिव की शिकायत पर आरोपी गोपाल भाभार के खिलाफ बीएनएस की धारा 333, 221, 296, 326 (छ), 351 (3) व लोक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही हैष। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गोपाल भाभर ने बताया कि उसे प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। उसका नाबालिग बेटे को हम्माली करना पड़ रही है।
सभी को दिया जा रहा योजनाओं का लाभ
ग्राम पंचायत मांगरोल की सरपंच गायत्री चौधरी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि शासन की जो भी योजनाएं आती हैं, उसका सभी ग्रामीणों को लाभ दिया जा रहा है। आग लगाने की सूचना उन्हें एक व्यक्ति ने दी तो वे तत्काल पंचायत कार्यालय पहुंची तो देखा कि कार्यालय में आग लगी हुई थी। गोपाल भाभर को मृत्यु प्रमाण-पत्र चाहिए, जबकि उसकी पुत्र जिंदा है। उसे किसान योजना का भुगतान चाहिए, जो हमारे प्रावधान में नहीं है। पंचायत में जो भी लोग आते हैं, उनका सबका काम हो रहा है। उसे कुटिया चाहिए, मृत्यु प्रमाण-पत्र चाहिए, जो हम दे नहीं सकते। हमारे हाथ में कुछ नहीं है, जो आगे से जो योजना आ रही है, दे रहे हैं। आरोपी गोपाल भाभर बोतल में पेट्रोल लेकर आया था, उसे समझाया भी और बाहर निकालकर कार्यालय का दरवाजा बंद भी कर दिया था। इसके बाद भी दरवाजा खोलकर उसने आग लगा दी।
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