सिखों के सर्वोच्च धार्मिक संस्थान श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ से 5 सिख शख्सियतों को सिख मर्यादाओं और पंथक रीतियों का उल्लंघन करने के आरोप में धार्मिक सजा सुनाई गई। इसके बाद 4 सिख शख्सियतें अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में सजा भुगतने पहुंची और जसवंत सिंह
5 शख्सियतों की आज दूसरी दिन की निर्धारित सेवा अभी शुरू होने वाली है।इस दौरान वे गुरुद्वारे में जूठे बर्तन मांजेंगे और जूते-चप्पलों की सफाई करेंगे, साथ ही आत्मनिरीक्षण और पंथक मर्यादा का पालन करने का संकल्प लेंगे।
सजा भुगतने वाले लोग हैं –
सजा भुगतने वाले लोग हैं ,गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी के VC करमजीत सिंह, निरवैर खालसा जत्था यूके के भाई हरिंदर सिंह, अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह और पंजाब भाषा विभाग के डायरेक्टर जसवंत सिंह।
श्री अकाल तख्त साहिब ने स्पष्ट किया कि पंथक मर्यादाओं का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत बयान, अपमान या अनादर को सख्त वर्जित माना जाता है। इस धार्मिक सजा के माध्यम से सिख समाज में अनुशासन, श्रद्धा और गुरमति के अनुसार जीवन बिताने की भावना को बल मिलेगा।
जानिए, किसे क्यों सजा दी गई…




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