अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस के थाना छेहरटा ने रोज एवेन्यू, काले घनुपुर स्थित किराए की कोठी में चल रहे अवैध नशा मुक्ति केंद्र का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर बिना किसी सरकारी अनुमति के चल रहे इस केंद्र से 15 व्यक्तियों को बाहर निकाला। मुख्य संचालक को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान राणा प्रताप सिंह (निवासी न्यू अंतरयामी कॉलोनी, सुल्तानविंड रोड) के रूप में हुई है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार, इस केंद्र में नशा छुड़ाने के बहाने भोले-भाले युवकों को बंधक बनाकर रखा गया था। संचालक उनके परिवारों को डरा-धमकाकर मोटी रकम की वसूली कर रहे थे। न कोई डॉक्टर न मेडिकल सुविधा छापेमारी के दौरान मौके पर न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई मेडिकल सुविधा उपलब्ध थी, जिसके कारण वहां भर्ती किए गए लोगों की हालत काफी गंभीर पाई गई। तत्काल कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय की मदद से एंबुलेंस बुलाकर सभी 15 व्यक्तियों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में शिफ्ट किया गया। तीन साथियों के साथ मिलकर चला रहा था जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी राणा प्रताप सिंह तीन साथियों सरबजीत सिंह उर्फ सन्नी, हरप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के साथ मिलकर केंद्र को चला रहा था। पुलिस ने थाना छेहरटा में BNS की विभिन्न धाराओं (318(4), 223, 127(2), 351(1), 3(5)) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। ऐसे केंद्रों के खिलाफ चलेगा अभियान डीसीपी डिटेक्टिव रविंदरपाल सिंह संधू, एडीसीपी सिटी-2 श्रीविनेला (IPS), एसीपी पश्चिमी शिवदर्शन सिंह और एसएचओ लवप्रीत सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी
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