अमृतसर से एसजीपीसी सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता भगवंत सिंह सियालका ने माननीय अदालत स्थित अपने चैंबर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था श्री अकाल तख्त साह
भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता बलदेव सिंह पन्नू द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना पूरी जानकारी के उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सतिंदर सिंह कोहली के वकील के रूप में पेश हुए हैं और इसमें किसी भी प्रकार की प्रोफेशनल मिसकंडक्ट की कोई बात नहीं बनती। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानूनी सहायता देना एक वकील का संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य है।
सियालका ने बताया कि सतिंदर सिंह कोहली के खिलाफ मामला श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार 75 प्रतिशत रिकवरी से संबंधित है, जिसमें कोहली की ओर से जवाब भी दाखिल किया जा चुका है। इस पूरे मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने अधिकारों के अंतर्गत कार्रवाई की और बाद में श्री अकाल तख्त साहिब ने भी इस पर अपनी मुहर लगाई।
एफआईआर राजनीति से प्रेरित
उन्होंने जोर देकर कहा कि सिख गुरुद्वारा एक्ट 1925 के तहत एसजीपीसी एक स्वतंत्र धार्मिक संस्था है और उस पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराएं लगाना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। सियालका ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर गलत धाराएं लगाकर एफआईआर दर्ज की गई है, ताकि सिख संस्थाओं को दबाया जा सके।
अंत में भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि श्री अकाल तख़्त साहिब की मर्यादा और सिद्धांतों की रक्षा की है। उन्होंने सभी सिखों से अपील की कि वे एकजुट होकर अपनी धार्मिक संस्थाओं और उनकी प्रभु सत्ता की रक्षा के लिए खड़े हों।
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