Ambala News: अंबाला छावनी के पप्पू पतंग वाले की दुकान 50 साल से पतंगों के लिए मशहूर है, जहां मोदी, रोहित शर्मा और ऑपरेशन सिंदूर थीम वाली पतंगों की खास डिमांड है.हालांकि बाजार में चाइनीज डोर पर बैन लगाया गया है और बाजार में यह बिक भी नहीं रही है.
दरअसल, अंबाला छावनी के कच्चा बाजार में पतंग की एक ऐसी दुकान है,जो पिछले लगभग 50 साल से चल रही है. यहां पर पप्पू पतंग वाले का नाम लोगों की जुबान पर रहता है. पहले यहां पर एक या दो पैसे और आने में पतंगें मिलती थी. लेकिन अब 2 रुपये से लेकर 300 रुपये की पतंगें दुकान पर बिकती है. इस बार खासतौर पर भगवान लड्डू गोपाल जी के लिए छोटी पतंगें और छोटे मजे वाले चर्खे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
दुकान मालिक की दूसरी पीढ़ी के वरुण ने लोकल 18 को बताया कि पिता ने पतंग बेचने की शुरुआत की थी. दुकान पर पतंग खरीदने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. उनके पास उंगली के साइज से लेकर 7 फीट तक की पतंग मिलती है. वहीं, अहमदाबाद और बरेली से आया देसी मांझा भी मिलता है. वह चाईनीज मांझा नहीं रखते हैं. इस बार पतंग पर खास तौर पर चिड़िया और स्टार, गुलाब आकार के डिजाइन बने हुए हैं. इसके साथ ही चाकोर पतंग से लेकर चील डिजाइन की पतंग खूब लोग लेकर जा रहे हैं.
स्वदेशी मांझे की बड़ी डिमांड
स्थानीय जोनी कुमार ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से इस दुकान से पतंग खरीद कर ले जा रहे हैं. बचपन के दिनों में एक आने यानी 1 पैसा से पतंग खरीदते थे. उन्होंने कहा कि वह मांझा (डोर) लेते हैं. उधर, मकर संक्रांति पर अंबाला के बाजारों में थीम-बेस्ड पतंगों का जबरदस्त बोलबाला है. खासतौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रिकेटर रोहित शर्मा की फोटो वाली पतंगों की सबसे ज्यादा डिमांड है. इनके अलावा बाजार में सफेद रंग की पतंगों की मांग भी काफी अधिक है. क्योंकि सफेद रंग को शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है जिसे लोग इस त्यौहार पर खास तौर पर पसंद कर रहे हैं.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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