Alwar News: अलवर जिले में रमजान के पाक महीने के चलते बाजारों में जबरदस्त रौनक देखी जा रही है. रोजेदार इफ्तारी के लिए खजूर और रसीले फलों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं. खासकर तरबूज की मांग सबसे अधिक है क्योंकि यह 13 घंटे के रोजे के बाद शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है. हालांकि सीजन से पहले आने के कारण फलों के दामों में बढ़ोतरी हुई है. फिर भी शाम ढलते ही हॉप सर्कस और किशनगढ़ बास जैसे इलाकों में भारी भीड़ उमड़ रही है. इसके साथ ही लोगों ने ईद के लिए भी अग्रिम शॉपिंग शुरू कर दी है जिससे व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं.
इफ्तार के दस्तरख्वान को सजाने के लिए रोजेदारों की पहली पसंद खजूर और रसीले फल बने हुए हैं. धार्मिक महत्व (सुन्नत) के कारण ‘पिंड खजूर’ की सबसे अधिक बिक्री हो रही है, लेकिन इस बार ‘तरबूज’ ने बाजार में सबको पीछे छोड़ दिया है. हालांकि तरबूज का मुख्य सीजन अभी शुरू नहीं हुआ है, फिर भी रमजान की मांग को देखते हुए व्यापारियों ने इसे समय से पहले बाजार में उतार दिया है. फल विक्रेता अशोक कुमार के अनुसार, रोजेदार दिनभर की प्यास बुझाने और शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए तरबूज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. इसके अलावा पपीता, अंगूर, केला और किन्नू जैसे फलों की भी जमकर खरीदारी हो रही है.
महंगाई का असर, फिर भी बरकरार है उत्साह
रमजान की भारी मांग के कारण फलों और अन्य खाद्य सामग्रियों के दामों में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है. सीजन से पहले आए तरबूज और अन्य रसीले फलों की कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन इसके बावजूद रोजेदारों के उत्साह में कोई कमी नहीं है. रोजेदार फराज खान और आरिफ खान बताते हैं कि करीब 12 से 13 घंटे की कड़ी भूख और प्यास के बाद इफ्तार में हल्के और रसीले खाद्य पदार्थों का सेवन सेहत के लिए जरूरी होता है. यही कारण है कि शाम के समय बाजारों में चहल-पहल अपने चरम पर होती है और दुकानदार भी ग्राहकों की आवक से खुश नजर आ रहे हैं.
ईद की तैयारियों का भी होने लगा आगाज
जैसे-जैसे रमजान के रोजे आगे बढ़ रहे हैं, बाजारों की रौनक और बढ़ती जा रही है. केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि अब लोगों ने ईद-उल-फितर के लिए भी शॉपिंग शुरू कर दी है. कपड़ों, जूतों और सेवइयों की दुकानों पर भी अब भीड़ बढ़ने लगी है. 30 रोजे पूरे होने के बाद जब ईद का चांद नजर आएगा, तब यह उत्सव अपने शिखर पर होगा. फिलहाल, अलवर की गलियां शाम के वक्त फातिहा की खुशबू और इफ्तारी की खरीदारी के शोर से पूरी तरह गुलजार हैं, जो देर रात तक जारी रहती है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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