Bhiwadi Industry Area: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग को दो हफ्तों से ज्यादा दिन हो गए हैं. ऐसे में युद्ध का असर भारत में औद्योगिक क्षेत्र पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है. कमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद होने से गैस पर निर्भर कई उद्योगों का उत्पादन रुक गया है. ऐसे में कंपनियों में काम करने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है.
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग गैस पर आधारित उत्पादन प्रणाली पर काम करते हैं. ऐसे में गैस की आपूर्ति बंद होने से न केवल उद्योगपतियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि इन कंपनियों में काम करने वाले हजारों मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की आशंका बढ़ गई है.
गैस सप्लाई बाधित होने से उद्योगों पर असर
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में करीब 5000 कंपनियां संचालित हैं. इनमें से बड़ी संख्या में कंपनियां उत्पादन के लिए गैस पर निर्भर रहती हैं. गैस की आपूर्ति बंद होने के कारण कई कंपनियों को अपना उत्पादन रोकना पड़ा है, जिससे उद्योग जगत में चिंता का माहौल है.
औद्योगिक क्षेत्र में गैस की सप्लाई देने वाली एनसीआर गैस एजेंसी के मालिक राजेश अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल इंडस्ट्रियल और कमर्शियल गैस की समस्या बनी हुई है. इंडियन ऑयल सहित अन्य ऑयल कंपनियों ने गैस की सप्लाई काफी कम कर दी है. कई स्थानों पर कंपनियों को लगभग पूरी तरह से गैस आपूर्ति बंद होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.
पीएनजी पर निर्भर कंपनियों को ज्यादा परेशानी
राजेश अग्रवाल ने बताया कि भिवाड़ी में जिन कंपनियों की उत्पादन प्रणाली पूरी तरह पीएनजी पर निर्भर है, वहां सबसे ज्यादा कटौती हुई है. इसके कारण उन कंपनियों को उत्पादन जारी रखने में अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने बताया कि जिन कंपनियों ने ड्यूल फ्यूल सिस्टम अपनाया हुआ है और जो पीएनजी के साथ एलपीजी का भी उपयोग करती हैं, उन्हें अपेक्षाकृत कम परेशानी हो रही है. लेकिन जो कंपनियां पूरी तरह पीएनजी पर निर्भर हैं, उनके लिए स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बन गई है. उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की है कि वे पीएनजी के साथ एलपीजी की वैकल्पिक व्यवस्था भी विकसित करें.
कंपनियों के बंद होने से मजदूरों पर संकट
उद्योगपति अमित जैन नाहटा ने बताया कि भिवाड़ी में लगभग 60 से 70 प्रतिशत कंपनियां एलपीजी सिलेंडर या पीएनजी गैस पर निर्भर हैं. ऐसे में कमर्शियल सिलेंडर पर प्रतिबंध लगने के कारण जिन कंपनियों ने अभी तक पीएनजी लाइन पर शिफ्ट नहीं किया है, वे बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को कमर्शियल गैस और पीएनजी सप्लाई की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए. यदि कंपनियों को समय पर गैस उपलब्ध नहीं हुई तो भिवाड़ी की 60 से 70 प्रतिशत कंपनियां बंद हो सकती हैं, जिससे उद्योग और रोजगार दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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