Blue Drum In Chopanki Industrial Area : चोपानकी औद्योगिक क्षेत्र में अज्ञात लोग केमिकल से भरे ड्रम आबादी के पास फेंककर फरार हो गए. पुलिस जांच में जुटी है, ग्रामीणों में दहशत है, जवाब का इंतजार जारी है. जैसे ही लोगों को शक हुआ कि ड्रम में कोई खतरनाक केमिकल हो सकता है, स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. थोड़ी ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया.
जैसे ही लोगों को शक हुआ कि ड्रम में कोई खतरनाक केमिकल हो सकता है, स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. थोड़ी ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. ड्रम किसने फेंके, किस कंपनी का माल है, और अंदर क्या भरा है, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
दो साल पहले भी हुआ था बड़ा हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि यह जगह पहले भी हादसे की गवाह रह चुकी है. करीब दो साल पहले इसी इलाके में एक कंपनी ने खुले में वेस्ट डाल दिया था. उस वेस्ट में खेलते समय तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उस घटना के बाद भी कुछ दिन चर्चा हुई, फिर मामला ठंडा पड़ गया. अब दोबारा केमिकल से भरे ड्रम मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है.
हालिया हादसे से और बढ़ी दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि अभी हाल ही में खुशखेड़ा औद्योगिक इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में लापरवाही के चलते सात लोगों की जान गई थी. ऐसे में चोपानकी में केमिकल ड्रम मिलने की घटना को लोग हल्के में नहीं ले रहे. लोगों को डर है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यहां भी बड़ा हादसा हो सकता है. खासकर इसलिए क्योंकि ड्रम आबादी के पास फेंके गए हैं. बच्चे और मवेशी इधर-उधर घूमते रहते हैं.
जवाब का इंतजा
फिलहाल पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि ड्रम किसने और क्यों यहां डाले. ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और औद्योगिक क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए. लोग कह रहे हैं कि अगर अब भी लापरवाही हुई तो नुकसान बड़ा हो सकता है. चोपानकी की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है. केमिकल के ये ड्रम किसके हैं, और क्यों आबादी के पास फेंके गए. जवाब मिलना अभी बाकी है.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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