सिरसा गांव में निक्की हत्याकांड मामले में मृतका निक्की भाटी के जेठ रोहित भाटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने मामले के तथ्यों, पक्षकारों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार के पाया कि आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं हैं। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाना उचित है। हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि जमानत के दौरान आरोपी न तो साक्ष्यों से छेड़छाड़ करेगा और न ही गवाहों को प्रभावित करेगा।
22 अगस्त 2025 को मामले में मृतका निक्की की बहन कंचन ने कासना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि 21 अगस्त की शाम निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और जेठ रोहित ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
विवेचना के दौरान प्रारंभिक तौर पर अस्पताल के डॉक्टरों और नर्स के बयान आए कि निक्की ने उन्हें कहा था कि सिलेंडर फटने से वह जली है। मामले में मुख्य आरोपी विपिन को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर थिनर की बोतल बरामद की गई थी। आरोप है कि निक्की के ऊपर यही थिनर डाला गया था और लाइटर लेकर आग लगाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने मृतका की सास, ससुर और जेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज था। मामले में जिला सत्र अदालत से जेठ व ससुर की जमानत खारिज हो गई थी। इसके बाद जेठ रोहित की ओर से जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया गया था।
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