राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। सुबर में स्मॉग की मोटी चादर ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
#WATCH | Delhi: Drone visuals from the Mayur Vihar area as a thick layer of smog blankets the city. pic.twitter.com/ATtNkZhMxn
— ANI (@ANI) January 22, 2026
स्मॉग का असर राजधानी के कई प्रमुख हिस्सों में देखा जा रहा है। एम्स (AIIMS) जैसे इलाकों में एक्यूआई 359 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इसी तरह, आईटीओ (ITO) क्षेत्र में भी एक्यूआई 331 पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। मयूर विहार और पांडव नगर के पास अक्षरधाम मंदिर जैसे इलाकों में भी ड्रोन दृश्यों से स्मॉग की घनी परत दिखाई दे रही है। पांडव नगर के पास एक्यूआई 377 तक पहुंच गया है, जो प्रदूषण के गंभीर स्तर को दर्शाता है।
इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे इलाकों में भी एक्यूआई 281 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में है, लेकिन यह भी चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और अन्य श्वसन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) जैसे विभिन्न प्रदूषण नियंत्रण उपायों के बावजूद, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। प्रतिकूल मौसम संबंधी स्थितियां, जैसे धीमी हवा की गति, प्रदूषण के कणों को हवा में जमा होने में मदद करती हैं, जिससे स्मॉग की मोटी परत बनती है।
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