एम्स बिलासपुर से अब गंभीर हृदय रोगियों को शिमला या चंडीगढ़ रेफर करने की मजबूरी जल्द ही खत्म होने वाली है। यहां शीघ्र ही ओपन हार्ट सर्जरी शुरू करने की तैयारी है। संस्थान प्रबंधन ने कार्डियोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की अधिसूचना जारी की गई है। अत्याधुनिक सर्जिकल उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस में पद भरने की प्रक्रिया तेज करते हुए एम्स प्रशासन ने डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है।
कार्डियोलॉजी विभाग में दो विशेषज्ञ पद, सीटीवीएस में भी दो विशेषज्ञ पद भरने की कवायद शुरू की है। इनमें वर्तमान में सिंगल फैकल्टी है। जिस कारण एम्स में अब तक ओपन हार्ट सर्जरी शुरू नहीं हो सकी है। इन नियुक्तियों के बाद एम्स बिलासपुर में कार्डियक इलाज के लिए विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध होगी, जिससे इमरजेंसी और जटिल सर्जरी भी यहीं संभव हो सकेगी। संस्थान प्रबंधन का कहना है कि यहां पर तमाम सुविधाएं मिलने के बाद भविष्य में एम्स बिलासपुर उत्तर भारत का आधुनिक कार्डियक सेंटर बनेगा।
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