दिल्ली पुलिस द्वारा शिमला जिले के रोहड़ू से हिरासत में लिए गए तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को देर रात शिमला की अदालत में पेश किया गया। इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन मामले में शामिल तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिला शिमला के रोहड़ू क्षेत्र से गिरफ्तारी को लेकर शिमला में बुधवार रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
#WATCH | Visuals from outside Shoghi PS, located near Shimla, Himachal Pradesh.
Three Youth Congress workers detained by Delhi Police from Rohru in Shimla district were produced before the court in Shimla today. pic.twitter.com/dqbg5Kqq1P
— ANI (@ANI) February 25, 2026
तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जिला शिमला के रोहड़ू से पकड़कर ले जा रही दिल्ली पुलिस की टीमों को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बिना सूचना कांग्रेस शासित हिमाचल पहुंची दिल्ली पुलिस के करीब 20 अधिकारियों-कर्मचारियों की तीन गाड़ियों को शिमला के शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाके लगाकर रोक लिया गया।
दिल्ली पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में लेने का आरोप लगाकर हिमाचल पुलिस ने शिमला के चिढ़गांव में एफआईआर दर्ज की है। इसके बाद शिमला पुलिस जिला अदालत भी पहुंच गई। दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामे व तनातनी के बाद देर शाम दिल्ली पुलिस फिर तीनों कार्यकर्ताओं को लेकर रवाना हुई, लेकिन शिमला पुलिस ने उन्हें फिर शोघी नाके पर रोक लिया।देर रात तक टकराव की स्थिति बनी रही।
इस दाैरान दोनों तरफ से खूब बहसबाजी हुई। हिमाचल पुलिस ने तीन लोगों को अगवा करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस टीम को उनपर दर्ज एफआईआर की प्रति दिखाई और मामले में सहयोग की अपील की। वहीं दिल्ली पुलिस का तर्क था कि उन्होंने 20 फरवरी को एफआईआर दर्ज की है और इसमें नाै लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके पुलिस रिमांड आ चुके हैं।
हिमाचल पुलिस का दावा है कि दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह से अवैध है। दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई से पहले न ही स्थानीय पुलिस को सूचना दी और न ही उसके पास कार्रवाई करने के लिए वैध दस्तावेज थे। इसलिए यह कार्रवाई करनी पड़ी है।
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