47 सालों से कर रहे हैं खेती
किसान विप्ता पुजार ने लोकल 18 से बताया कि वह गुमला जिले के घाघरा प्रखंड के चेचरपाठ गांव के रहने वाले हैं. उन्हें बचपन से ही खेती-बाड़ी का शौक रहा है. इसलिए बचपन से ही उन्होंने खेती करने के बारे में सोच रहे हैं. वह मात्र 6 क्लास तक ही पढ़ाई किए हैं. वह खेती का काम 1977 से करते आ रहे हैं. उन्होंने अपने माता-पिता को ही देखकर सीखी और तब से खेती ही कर रहे हैं.
जानें किन सब्जियों की करते हैं खेती
किसान ने बताया कि यही उनका मुख्य पेशा है. इसी से उनके परिवार की जीविका, बच्चों का लालन पालन पढ़ाई लिखाई सब होता है. इसके साथ ही इसी खेती से मोटी कमाई हो जाती है. उन्होंने शुरुआत छोटे से खेत से किया था. ऐसे में अब वह लगभग 2 एकड़ खेत में विभिन्न प्रकार की सब्जी जैसे – मटर ,आलू ,गोभी ,प्याज ,लहसुन , मिर्च, बैगन, टमाटर आदि लगाए हुए हैं. जिससे सालाना लाखों रुपए की कमाई हो जाती है. किसान ने बताया कि अभी कुछ दिनों बाद कद्दू लगाने की योजना है.
किसान ने बताया कि इतना ही नहीं, सब खर्च होने के बावजूद लगभग सलाना 3 लाख रुपए तक की बचत होती है. इसके अलावा सबसे खास बात ये है कि उनके यहां भी बहुत सारी सब्जियां हैं. वह जो भी खेती करते हैं. उसमें केवल गोबर खाद का ही प्रयोग करते हैं. किसी तरह का रासायनिक खाद ,उर्वरक का उपयोग नहीं करते हैं. इससे उत्पादन भी अच्छा होता है. साथ ही खाने में भी काफी टेस्टी लगता है और सेहत के लिए भी लाभदायक होता है.
शौक को बनाया कमाई का जरिया
किसान ने बताया कि वह सब्जी की खेती शौक से करते हैं. हालांकि इससे वह अच्छी कमाई कर रहे हैं. इससे यहां के लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. यदि शौक से भी 2-4 घंटे काम करते हैं, तो अच्छा इनकम कर सकते हैं. वहीं, अगर व्यवसाय के तौर पर यदि कोई सीजनल सब्जी की खेती करता है, तो और भी अच्छी कमाई कर सकता है. वहीं, उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने जैविक विधि अपनाकर खेती का काम करते हैं. इसमें केवल गोबर का खाद का उपयोग किया है. किसी भी तरह का रासायनिक उर्वरक का उपयोग नहीं किया गया है. जैविक विधि से उत्पादन भी अच्छा होता है और स्वाद भी काफी लाजवाब होता है.
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