बांसवाड़ा में मकर संक्रांति के त्योहार पर पतंगबाजी के दौरान पक्षियों के संरक्षण और जनहानि को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. इन्द्रजीत यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत
इन मांझों पर रहेगा बैन
- धातु निर्मित मांझा: इसमें आयरन पाउडर और ग्लास पाउडर से बना मांझा शामिल है।
- सिंथेटिक सामग्री: नायलॉन, प्लास्टिक और चाइनीज मांझे की थोक व खुदरा बिक्री पर रोक रहेगी।
सुबह और शाम पतंगबाजी पर रोक
पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने विशेष समय सारणी निर्धारित की है। पक्षियों के विचरण के समय यानी सुबह 6 बजे से 8 बजे और सायं 5 बजे से 7 बजे के बीच पतंग उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्यवाही
यह आदेश 20 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भी इस तरह की हानिकारक सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं दी गई है। शहर में विद्युत सप्लाई बाधित न हो और लोगों की जान सुरक्षित रहे, इसके लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें बाजार में निगरानी रखेंगी।
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