हरियाणा जीआरपी ने चार महीने की लगातार जांच के बाद उस आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके लिए काम करते हुए बहादुरगढ़ के एक बच्चे का हाथ चारा काटने की मशीन में कट गया था। मामला अगस्त में सामने आया था, जब बच्चे को गंभीर चोट आने की सूचना मिलने पर पुलिस ने बाल मज़दूरी अधिनियम एवं अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की।
घटना के समय बच्चा मानसिक सदमे में था और अपने बारे में या आरोपी के बारे में सटीक जानकारी देने की स्थिति में नहीं था, जिससे जांच बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेलवे हरियाणा, निकिता गहलोत ने विशेष जांच टीम का गठन किया, जिसमें साइबर विशेषज्ञों और विभिन्न जिलों के अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया।
200 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में तलाश
जांच टीम ने कैथल, जींद, रोहतक, झज्जर, बहादुरगढ़, सोनीपत, पानीपत, नूह, पलवल, दिल्ली के नरेला, नांगलोई, शाहदरा एवं उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद, गाजियाबाद, अलीगढ़, बागपत सहित 200 किलोमीटर के विस्तार में 200 से अधिक गांवों में सघन खोजबीन की।
इस दौरान मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर बच्चे का बयान विशेषज्ञ टीम की निगरानी में दोबारा दर्ज कराया गया। उपलब्ध जानकारी के आधार पर हरियाणा शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड और ग्राम पंचायत रिकार्ड के माध्यम से आरोपी अनिल की पहचान को पुख्ता किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद सफलता
काफी समय से ठिकाना बदलकर छिप रहे अनिल को अंततः तकनीकी निगरानी और जमीनी इनपुट के आधार पर उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र से पकड़ लिया गया। वह वहां एक डेयरी में काम कर रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदल रहा था। गिरफ्तारी के बाद अनिल को अदालत में पेश कर जिला जेल झज्जर भेज दिया गया है।
जांच टीम को सम्मान
जटिल मामले को सुलझाने के लिए जीआरपी द्वारा गठित विशेष टीम को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई बाल मज़दूरी व बाल शोषण के विरुद्ध एक सख्त और स्पष्ट संदेश देती है कि हरियाणा पुलिस किसी भी बच्चे के साथ अत्याचार करने वाले अपराधी को कानून से बचने नहीं देगी।
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