झारखंड राज्य के चतरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। हजारीबाग ACB की टीम ने चतरा के जिला आयुष पदाधिकारी राम प्रकाश वर्मा को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
मिली जानकारी के अनुसार, जिला आयुष पदाधिकारी राम प्रकाश वर्मा टंडवा में पदस्थापित आयुष चिकित्सक डॉ. प्रिया कुमारी से एक मामले में अनुकूल कार्रवाई के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि डॉ. प्रिया कुमारी नियमित रूप से टंडवा में सेवा नहीं देती थीं और इसके बदले पहले घूस दी जाती थी। बाद में जब दोनों के बीच सहमति नहीं बनी, तो डॉ. प्रिया कुमारी ने हजारीबाग ACB से संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई।
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प्रशासनिक हलकों में हड़कंप
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ACB ने जाल बिछाया और जैसे ही जिला आयुष पदाधिकारी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद चतरा स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
संभावित भ्रष्टाचार नेटवर्क की जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ हजारीबाग ले गई, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। ACB इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और विभाग में संभावित भ्रष्टाचार नेटवर्क की भी जांच कर रही है। ACB अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध हैं। यह कार्रवाई जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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