एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मांग की कि विश्वविद्यालय के कुलपति इस फीस वृद्धि के निर्णय को तुरंत वापस लें। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और प्रदर्शन जारी रहेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाड़मेर उपखंड अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। प्रशासन द्वारा छात्रों को शांतिपूर्ण समाधान का आश्वासन दिया गया है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इकाई अध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि महाविद्यालय में सेमेस्टर के एग्जाम फॉर्म भरने शुरू हो चुके हैं। हर वर्ष एक्जाम फीस 1200 से 1400 के बीच होती हैं, लेकिन इस वर्ष वह फीस बढ़ा कर 3100 कर दी है जो कि पुरानी फीस से 3 गुना बढ़ा दी है। जो कि विद्यार्थियों के साथ कुठाराघात हैं। उन्होंने बताया कि इस फैसले को वापस लेने या एक उचित, पारदर्शी प्रक्रिया के तहत फीस कम करने की मांग की गई, जिसे वीसी द्वारा दो दिवस में विश्वविद्यालय अकादमिक काउंसिल द्वारा बैठक कर निवारण का आश्वासन दिया गया।
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