अल्मोड़ा जिले में मानव वन्यजीव संघर्ष पर रोकथाम लगाने के लिए वन विभाग ने अनूठी पहल शुरू की है। अब तेंदुए की दहशत से लोगों को निजात दिलाने के लिए आधुनिक रेस्कयू उपकरणों से लैस वाहन 24 घंटे लोगों की सुरक्षा में तैनात रहेगा। इस पहल से वनकर्मियों के लिए तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचना आसान होगा। वहीं वन्यजीव के हमले में घायल व्यक्ति को समय रहते उपचार मिलने पर उसकी जान भी बचाई जा सकेगी। जिले में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता से लोग खौफ में हैं।
लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और प्रभावितों तक फौरन राहत पहुंचाने के लिए अब आधुनिक रेस्कयू उपकरणों से लैस वाहन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी करेगा। वाहन में जाल, ट्रैंक्युलाइजिंग गन, जरूरी दवा, एनाइडर और फॉक्स लाइट आदि उपकरण मौजूद रहेंगे। ये उपकरण तेंदुए सहित अन्य वन्यजीवों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने में मददगार साबित होंगे। इससे तेंदुओं की दहशत से निजात मिलेगी।
वन्यजीवों से लोगों की सुरक्षा और प्रभावितों को फौरन राहत पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ फंड से एक वाहन विभाग को आवंटित हुआ है। आधुनिक सुविधा से लैस यह वाहन 24 घंटे वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहेगा। – प्रदीप धौलाखंडी, डीएफओ सिविल सोयम वन प्रभाग अल्मोड़ा
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