बताया जा रहा है कि T17 लक्ष्मी बाघिन आमतौर पर अपनी टेरिटरी से बाहर नहीं निकलती और न ही लोगों को आसानी से दिखाई देती है। वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह किसी सपने से कम नहीं था, क्योंकि अब तक यह बाघिन बेहद कम दिखाई देती रही है। लेकिन मंगलवार के दिन मॉर्निंग सफारी के दौरान यह ऐतिहासिक पल देखने को मिला।
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जानकारी के अनुसार, मंगलवार की मॉर्निंग सफारी में करीब 26 पर्यटकों की बुकिंग थी, जो अलग-अलग रूट और क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान पर्यटक अनीस सिंह और उनके साथियों की गाड़ी के सामने अचानक T17 लक्ष्मी बाघिन दिखाई दी। शांत और धीमी चाल से चलते हुए वह पानी के स्रोत की ओर बढ़ रही थी। उसकी चाल में न तो आक्रामकता थी और न ही घबराहट—बस जंगल की रानी की स्वाभाविक शालीनता झलक रही थी।
पर्यटकों ने बताया कि बाघिन को सामने देखकर कुछ पल के लिए सभी स्तब्ध रह गए, लेकिन फिर कैमरे अपने-आप चालू हो गए। यह दृश्य इतना दुर्लभ था कि हर कोई इसे हमेशा के लिए सहेज लेना चाहता था। वहीं इस संबंध में संजय टाइगर रिजर्व के सीसीएफ अमित दुबे ने बताया कि T17 लक्ष्मी बाघिन स्वभाव से काफी शांत है और सामान्यतः लोगों को कम दिखाई देती है। अब वह पूरी तरह से वयस्क हो चुकी है और अपने शावकों की देखभाल तथा शिकार की तलाश में कभी-कभी इधर-उधर भ्रमण करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बाघिन हिंसक नहीं है और जब भी किसी मानव गतिविधि के सामने आती है तो शांतिपूर्वक दूसरी दिशा में चली जाती है।
t17 लक्ष्मी
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