सुबह करीब 11 बजे से ही स्टेडियम में युवाओं और बच्चों की भीड़ जुटने लगी। हाथों में पतंग और डोर थामे प्रतिभागियों ने जैसे ही आसमान की ओर पतंगें छोड़ीं, पूरा क्षेत्र “काई पो छे” और उत्साह भरे नारों से गूंज उठा। रंग-बिरंगी पतंगों से सजा जैसलमेर का आकाश मकर संक्रांति के उल्लास का साक्षी बन गया।
अधिकारियों ने बढ़ाया प्रतिभागियों का उत्साह
इस मौके पर जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी और उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर समक्ष गोयल भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। उन्होंने स्वयं भी पतंग उड़ाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों की मौजूदगी से बच्चों और युवाओं का उत्साह और दोगुना हो गया।
पर्यटन विभाग ने उपलब्ध कराई निःशुल्क पतंगें
पर्यटन विभाग की ओर से पतंग उत्सव में शामिल सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क पतंगें और मांझा डोर उपलब्ध कराई गईं। इसके बाद प्रतिभागियों ने पतंग उड़ाने के साथ-साथ एक-दूसरे की पतंग की डोर काटने का भी आनंद लिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भी इस रोमांचक नजारे का भरपूर लुत्फ उठाया।
ये भी पढ़ें: होटल में बंधक बनाकर युवक से हुई थी 1.81 लाख रुपये और सोने की चेन की लूट, पुलिस ने सुलझाया केस
आयोजन मरु महोत्सव का हिस्सा
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन आगामी मरु महोत्सव-2026 के प्रचार-प्रसार का भी एक हिस्सा है, जो 29 से 31 जनवरी और 1 फरवरी तक आयोजित होगा। पतंग उत्सव के माध्यम से मकर संक्रांति को उमंग के साथ मनाने के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.