बागेश्वर जिले में पहाड़ों में इस बार मौसम के बदले मिजाज ने दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण जिले में सूखी सर्दी का सितम जारी है। सुबह-शाम गिरता पारा और दिन में चटक धूप के बीच चल रही शीतलहर ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। जिला अस्पताल में रोजाना 60-70 लोग खांसी, जुकाम और जोड़ों के दर्द की परेशानी लेकर पहुंच रह हैं।
बारिश न होने से वातावरण में धूल के कण और खुश्की बढ़ गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी से मिली जानकारी के अनुसार मौसम सांस के मरीजों, बुजुर्गों के लिए घातक साबित हो रहा है। छोटे बच्चों में सूखी खांसी और बदन दर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। बीते सप्ताह जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 60-70 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। फिजिशियन डॉ. सीएमएस भैसोड़ा ने बताया कि सूखी ठंड से बचने के लिए लोगों को दिनचर्या में बदलाव करने पड़ेंगे। उन्होंने मरीजों को सुबह-शाम की ठंड से बचने, गुनगुने पानी का सेवन करने, जोड़ों के दर्द से बचने के लिए शरीर को गर्म कपड़ों से ढंककर रखने और संतुलित भोजन करने की सलाह दी है।
सूखी ठंड के चलते सर्दी जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए सभी इंतजाम हैं। दवा और कफ सिरप की अतिरिक्त खेप मंगाई गई है। गंभीर मरीजों भर्ती करने के लिए वातानूकूलित वार्ड बनाए गए हैं। – डॉ. तपन शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल