समाज में आज भी मानवता और ईमानदारी जिंदा है, इसका जीता-जागता उदाहरण बालोद जिले के राजहरा में देखने को मिला। यहां एक डॉक्टर को सड़क पर रुपयों से भरा बैग मिला, जिसे उन्होंने अपनी नैतिकता का परिचय देते हुए सुरक्षित थाने पहुंचाया और अंततः वह राशि उसके असली हकदार तक पहुंच गई।
जानकारी के अनुसार, साल्हे पोस्ट ऑफिस में कार्यरत वरुण ठाकुर (निवासी ग्राम गैंजी) उपभोक्ताओं से जमा की गई राशि लेकर ऑफिस जा रहे थे। इसी दौरान निर्मला स्कूल के पास एक सड़क ब्रेकर पर उनकी बाइक झटके से उछली और पैसों से भरा बैग सड़क पर गिर गया। वरुण को इस बात का अहसास तब हुआ जब वह काफी दूर निकल चुके थे।
डॉक्टर बने मददगार
उसी मार्ग से गुजर रहे कोण्डे पावर हाउस अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर सुरेंद्र साहू की नजर लावारिस पड़े बैग पर पड़ी। जब उन्होंने बैग खोलकर देखा तो उसमें भारी मात्रा में नगदी थी। डॉक्टर साहू ने बिना देर किए बैग उठाया और सीधे राजहरा थाना पहुंचे।
पर्ची से खुला राज
बैग की जांच करने पर पुलिस को उसमें रुपयों के साथ एक पोस्ट ऑफिस की पर्ची भी मिली। राजहरा थाना पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई और पर्ची के आधार पर पोस्ट ऑफिस में संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि उक्त राशि वरुण ठाकुर की है।
वापस मिली मेहनत की कमाई
पुलिस ने वरुण ठाकुर को थाने बुलाकर शिनाख्त की। पुष्टि होने के बाद वरुण को उनके 69,500 रुपये सुरक्षित सौंप दिए गए। अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस पाकर वरुण की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने डॉक्टर सुरेंद्र साहू की ईमानदारी और राजहरा पुलिस की तत्परता के लिए उनका तहे दिल से आभार व्यक्त किया।
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