शहर में आज दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब जिला कलेक्टर की आधिकारिक ईमेल आईडी पर अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट परिसर में बम लगाए जाने की धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। मेल में दावा किया गया था कि अजमेर कलेक्टर कार्यालय और दरगाह गरीब नवाज में 4 RDX IED लगाए गए हैं, जो पुतिन के यहां आते ही विस्फोट करेंगे। इस मेल के सामने आते ही जिला प्रशासन, अजमेर पुलिस, बम निरोधक दस्ता और इंटेलिजेंस एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं और शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
दरगाह परिसर को खाली कराया
सूचना मिलते ही सबसे पहले दरगाह शरीफ परिसर को तुरंत खाली कराया गया। दोपहर करीब 1 बजे से जायरीनों का प्रवेश बंद कर दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने दरगाह के हर हिस्से की घेराबंदी कर मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वाड और बम डिस्पोजल टीम की मदद से सघन तलाशी शुरू की। इस दौरान दरगाह के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया। लगभग ढाई घंटे तक चले तलाशी अभियान में कोई बम या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि दरगाह सीओ लक्ष्मण राम के फोन पर धमकी की सूचना मिलने के बाद अंजुमन की ओर से भी परिसर खाली कराने और जायरीनों को सुरक्षित बाहर निकालने में पूरा सहयोग किया गया। उन्होंने कहा कि आगामी उर्स को लेकर सुरक्षा पहले से ही कड़ी है और इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
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कलेक्ट्रेट में भी मचा हड़कंप, एक घंटे तक चली तलाशी
इसी तरह कलेक्ट्रेट परिसर में भी पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। सभी कर्मचारियों और आम लोगों को बाहर निकाला गया और कार्यालय के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से तलाशी ली गई। करीब एक घंटे तक चलाए गए तलाशी अभियान में यहां भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इस दौरान पूरे परिसर को सील कर दिया गया था।
अधिकारियों ने दी अपडेट – अफवाहों से बचें, सुरक्षा प्राथमिकता
अजमेर एडिशनल एसपी ग्रामीण डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि कलेक्टर को मिले मेल के आधार पर दोनों संवेदनशील स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि “हमने दरगाह और कलेक्ट्रेट के हर कोने की तलाशी ली। दो घंटे से अधिक समय तक चलाए गए ऑपरेशन में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। सुरक्षा के लिहाज से सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया।”
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। वहीं दरगाह में सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद शाम तक जायरीनों का प्रवेश फिर शुरू कर दिया गया, हालांकि तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में लोग बाहर फंसे रहे और उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी ने सुरक्षा कारणों से सहयोग किया।
अजमेर में आगामी उर्स को देखते हुए इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई है और पूरे मामले की साइबर जांच शुरू कर दी गई है।
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