जयपुर में महिला क्रिकेटर की थार की टक्कर से 23 साल के पारस की मौत हो गई। एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझ गया। हादसे से एक दिन पहले ही पारस का रिश्ता हुआ था। अगले साल 17 मार्च को शादी थी। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
भास्कर जब घर पहुंचा तो मां बेसुध बैठी थी। रिश्तेदार महिलाएं उन्हें संभाल रही थीं। दूसरे कमरे में दादा, पिता, भाई और अन्य रिश्तेदार बैठे थे। परिवार ने इंसाफ की मांग की है। उनका कहना है- हम अपना बेटा खो चुके। किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो, इसलिए दोषी को सजा जरूर मिले।
पारस लॉ स्टूडेंट थे और मानसरोवर स्थित सेंट विल्फ्रेड कॉलेज में पढ़ते थे।
1 दिसंबर की रात हुई थी दुर्घटना 1 दिसंबर की रात करीब 10 बजे तेज रफ्तार थार ने पारस को टक्कर मारी थी। स्कूटी पर उनके साथ उनकी बुआ भी थी। हादसे के बाद थार चलाने वाली भव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। भव्या महिला क्रिकेटर हैं।
दादा बोले- पोते की मार्च में शादी होनी थी दादा सत्यनारायण शर्मा ने बताया- पारस हमारे परिवार का सूरज था, जो अस्त हो गया। मैं उसका दादा हूं। बड़ी उम्र का हूं। भगवान मुझे ही अपने पास बुला लेता। हमारे बच्चे को तो नहीं छीनता। परिवार में हंसी-खुशी का माहौल था। हादसे वाले दिन शाम करीब 4 बजे पोते से बात हुई थी। उसे बुलाया, लेकिन उसने मना कर दिया। रात 10 बजे के करीब हादसा हो गया।
दादा ने बताया- पोते की कई महीनों से शादी की बात चल रही थी। हादसे से एक दिन पहले (30 नवंबर) ही उसका रिश्ता पक्का किया था। परिवार में सभी लोग खुश थे। 17 मार्च को उसकी शादी थी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।

क्रिकेट खिलाड़ी ने इस लाल रंग की थार से पारस को टक्कर मारी थी।
थार से टक्कर मारने वाले को मिले सजा पारस के पिता मुकेश कुमार शर्मा कस्टम डिपार्टमेंट में कैशियर हैं। उन्होंने बताया- मेरे दो बेटे थे। पारस बड़ा और परिवार का एक जिम्मेदार बेटा था। वह सेंट विल्फ्रेड कॉलेज में एलएलबी लास्ट ईयर का स्टूडेंट था। पिता ने कहा कि थार वाली लड़की की लापरवाही से मेरे बेटे की जान चली गई।
हादसे के जिम्मेदार को सजा मिले ताकि फिर वो ऐसी लापरवाही न कर सके। हमने तो बेटा खो दिया, लेकिन किसी और के साथ ऐसा न हो। पारस धार्मिक प्रवृत्ति का था। रोज सुबह 4 बजे गोविंददेव जी के मंदिर जाता था। वो एक ग्रुप के साथ भी जुड़ा हुआ था। उस ग्रुप के साथ खाटूश्यामजी के भजन गाता था।

पारस के पिता ने कहा कि उनके बेटे को इंसाफ मिलना चाहिए। दोषी को सजा मिलनी चाहिए।
मां बोली- बेटा विदेश घुमाकर लाने की बात करता था घर के एक कमरे में परिवार और आस-पड़ोस की महिलाएं बैठी थीं। महिलाओं के बीच में बेसुध मां पिंकी शर्मा और दादी बैठी थीं। हम बात करने गए तो मां बिलख पड़ीं। बोलीं- मेरा बेटा चला गया। मेरा बेटा बहुत अच्छा था। ऐसा नहीं होना चाहिए था। दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
मां ने कहा- मेरा बेटा कहता था, मां आप यहां घूमने की बात करती हो। मैं आपको विदेश घुमाकर लाऊंगा। इतना कहते ही वो रोने लगीं। पीछे खड़ी उनकी ननद और पारस की बुआ ने उन्हें संभाला। बुआ ने कहा कि थार से टक्कर मारने वाली लड़की को सजा मिलनी चाहिए।

बेटे की मौत के बाद से मां पिंकी शर्मा बेसुध हैं। रिश्तेदार महिलाओं ने उन्हें संभाला।
गाने का शौक था, म्यूजिक ग्रुप बना रखा था परिवार में शोक जताने आए पारस के एक दोस्त रुद्राक्ष भारद्वाज ने बताया- वो मेरे बड़े भाई की तरह थे। 52 लोगों का एक म्यूजिक ग्रुप है। वो और हम सभी खाटू के भक्त हैं। खाटू बाबा के भजनों के अलावा भी गाने गाते थे। वो हमारे बेस्ट सिंगर थे। थार चलाने वाली लड़की को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमें सिर्फ इंसाफ चाहिए।
पारस सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते थे। अपने ग्रुप के साथ सिंगिग के कई वीडियो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर हैं। इसके अलावा माता-पिता के साथ कई फोटो और रील अपलोड की हुई है।

पारस एक म्यूजिक ग्रुप से जुड़े हुए थे। उनके साथियों का कहना है कि वे भजनों के साथ ही बॉलीवुड के गाने भी गाते थे। वे एक बेहतरीन सिंगर थे।
थार से दो महीने में तीन बड़े हादसे, 10 की जान गई थार की टक्कर से मौत का ये पहला मामला नहीं है। प्रदेश में थार से मौत और घायल होने के कई मामले सामने आए हैं। पिछले दो महीने में ही 3 बड़े हादसे हुए थे। तीनों हादसों में कुल 10 लोगों की मौत हुई थी।
पहला हादसा 22 अक्टूबर- NH-52 पर चौमूं इलाके में रामपुरा पुलिया पर तेज रफ्तार थार गाड़ी ने 3 बाइकों को टक्कर मार दी थी। हादसे में पति-पत्नी और पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। सभी लोग जयपुर के करधनी थाना इलाके के रहने वाले थे। वे खाटूश्याम जी के दर्शन करने जा रहे थे। (पढ़िए पूरी खबर)
दूसरा हादसा 1 नवंबर- अलवर में एक तेज रफ्तार थार कार ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी थी। बाइक को थार 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई थी। हादसे में पति-पत्नी और दो बच्चों कुल 4 की मौत हुई थी। (पढ़िए पूरी खबर)
तीसरा हादसा 22 नवंबर- भरतपुर में डिवाइडर पार कर आ रही तेज रफ्तार थार ने सामने से आ रही श्रद्धालुओं की ईको वैन को टक्कर मार दी थी। ईको में सवार एक महिला और ड्राइवर की मौत हो गई थी। (पढ़िए पूरी खबर)

22 नवंबर को भरतपुर में हरियाणा नंबर की इस थार ने ही ईको वैन को टक्कर मारी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया था।
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जयपुर में तेज रफ्तार थार ने एक के बाद दो बाइक और स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। वहीं उसकी बुआ घायल हो गई। (पढ़िए पूरी खबर)
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