जिले में एनीमिया प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पिंक पखवाड़े के तहत जिला अस्पताल से लेकर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज) इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। यह इंजेक्शन गर्भावस्था की दूसरी व तीसरी तिमाही में आयरन की
उन्होंने बताया कि पहले एनीमिया उपचार के लिए प्रायः मौखिक आयरन गोलियों का उपयोग किया जाता था, लेकिन मध्यम से गंभीर एनीमिया, गर्भावस्था के अंतिम चरण या तेजी से सुधार की स्थिति में मौखिक आयरन से हीमोग्लोबिन स्तर पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ पाता। ऐसे मामलों में एफसीएम जैसी अंतःशिरा आयरन थैरेपी अधिक प्रभावी रहती है, क्योंकि यह सीधे रक्तप्रवाह में आयरन पहुंचाकर तेज सुधार सुनिश्चित करती है। पिंक पखवाड़े की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सीएमएचओ से लेकर बीसीएमओ स्तर तक अधिकारी नियमित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी पात्र गर्भवती महिला लाभ से वंचित न रहे।