गोबर खाद से स्वाद और सेहत दोनों बेहतर
लोकल 18 से बातचीत में अमित ने बताया कि वे अपनी खेती में मुख्य रूप से गोबर खाद का उपयोग करते हैं. इससे फसल अच्छी होती है और सब्ज़ियों का स्वाद भी बेहतर आता है. उनका मानना है कि रासायनिक खाद की तुलना में गोबर खाद से उगाई गई सब्ज़ियां खाने के लिए ज्यादा सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होती हैं, इसलिए वे वर्षों से इसी पद्धति को अपनाते आ रहे हैं.
जनवरी तक तैयार होगी गोभी
अमित ने बताया कि गोभी की फसल जनवरी के अंत तक बाजार में आने लगेगी, जबकि लहसुन की बुवाई अभी की गई है. उत्पादन में से कुछ सब्ज़ियां वे बाजार में बेचते हैं और कुछ घर में उपयोग करते हैं. इससे परिवार की सब्ज़ी की जरूरत पूरी होने के साथ-साथ खेती की लागत भी निकल जाती है और थोड़ा मुनाफा भी हो जाता है.
खुद के बोर से होती है सिंचाई
अमित ने बताया कि सिंचाई के लिए उन्होंने खुद का बोर खुदवाया है, जिससे पूरे खेत में पानी दिया जाता है. ड्रिप सिंचाई की सुविधा उनके पास नहीं है, इसलिए पाइप के माध्यम से नालियों में पानी छोड़कर फसलों की सिंचाई की जाती है.
पीढ़ियों से चली आ रही खेती की परंपरा
अमित ने बताया कि खेती उनके परिवार की परंपरा रही है. पहले उनके पिता खेती किया करते थे और अब वही जिम्मेदारी वे संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन अपने बाप-दादा को खेती करते देखकर ही यह काम सीखा है. खेती के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर वे मजदूरी भी कर लेते हैं.
खेती से चल रहा परिवार
अमित के परिवार में कुल 6–7 सदस्य हैं, जिनमें उनकी पत्नी, मां और पांच बच्चे शामिल हैं. उन्होंने बताया कि खेती से उनका जीवन अच्छे से चल रहा है और परिवार की जरूरतें पूरी हो पा रही हैं.
मिट्टी की तैयारी से लेकर रोपाई तक का तरीका
अमित ने बताया कि सब्ज़ी की खेती के लिए भुरभुरी और हल्की मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई की जाती है, फिर मेड बनाई जाती है. इसके बाद पौधों की रोपाई की जाती है और नालियों के जरिए पानी दिया जाता है. खेत के अलग-अलग हिस्सों में गोभी, टमाटर, प्याज और लहसुन की खेती की गई है.