मामला उस समय और गंभीर हो गया जब समाज के बाहर से आए कुछ लोगों ने कथित रूप से 18 व्यक्तियों के ईसाई धर्म में धर्मांतरण की सूची नाम सहित सार्वजनिक कर दी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मारपीट की घटना हो गई. आरोपित लोगों का कहना है कि सूची में दर्ज कई नाम गलत हैं और वे आज भी हाड़ी समाज से जुड़े हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके आधार कार्ड में भी उनका उपनाम ‘हाड़ी’ दर्ज है. कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बेटी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को गलत रूप में प्रार्थना सभा बताया गया.
स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाना स्वीकार किया
दूसरी ओर, समाज के कुछ सदस्यों ने खुले तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्होंने स्वेच्छा से ईसाई धर्म अपनाया है. घटना को लेकर यह आरोप भी लगाए गए कि कार्यक्रम के दौरान कुछ बाहरी संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे और अभद्र व्यवहार किया जिससे स्थिति और बिगड़ गई. मारपीट की घटना पुलिस की मौजूदगी में होने से प्रशासन की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय प्रशासन ने मामले को संवेदनशील बताते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और किसी भी पक्ष द्वारा कानून हाथ में लेने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह घटना क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर जारी सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता को उजागर करती है, जहां समुदाय के भीतर मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप के कारण शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है. प्रशासन का प्रयास है कि संवाद के माध्यम से स्थिति को सामान्य बनाया जाए.
समाज के लोगों द्वारा सार्वजनिक की गई कथित सूची के अनुसार जिन पर ईसाई धर्म में धर्मांतरण का आरोप लगाया गया, उनमें शामिल हैं संजीत हारी की बहन, गीता देवी (मोती हारी की बेटी), चन्दन हारी की बहन, राजन हारी का समस्त परिवार, अनिल हारी का समस्त परिवार, जबना हारी का समस्त परिवार, राज हारी के भाई और पत्नी, ज्योति हारी (पति-पत्नी), धनकिस्टो हारी की पत्नी, कैलाश हारी के पुत्र, संजय हारी एवं उनकी मां, शिवचरण हारी (पशिया) का समस्त परिवार, पप्पू हारी (पति-पत्नी), बंधु हारी की पत्नी (लालबंगला), नितीश हारी (20/21), राधा देवी (स्व. फूलवा हारी) स्वयं तथा मंगल हारी (मुरलीडीह ग्राम अध्यक्ष)
समझाने पहुंचे हाड़ी समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजू हाड़ी
हाड़ी समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजू हाड़ी ने कहा कि मुरलीडीह हाड़ी समाज के ग्रामीणों ने आमंत्रित करके बुलाया है कि उनके कुछ लोग ईसाई मिशनरी के बहकावे में आकर अपना धर्मान्तरण कर रहे हैं. हमारी बेटी-रोटी हमारे समाज के रीती-रिवाज़ से चलता है, ये हमारा इतिहास रहा है. हमारा समाज एक निरीह (गरीब) एवं अशिक्षित समाज है जिन्हें ईसाई मिशनरी के लोगों द्वारा दिग्भ्रमित करके उनका धर्मान्तरण कराया जा रहा है. उन्हें हम समझाने और रोकने आये हैं कि वे किसी के बहकावे आकर अपना धर्म परिवर्तन न करें. झारखण्ड प्रदेश के जिला, ग्राम पंचायत सहित वार्ड तक एक सर्वे करते हुए ये जानकारी इक्क्ठा करेंगे की किन गांव और मोहल्लों के लोगों में क्रिश्चियन मिशनरी एक कोढ़ की तरह हमारे समाज के लोगों में फ़ैल रही है और उन्हें दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है. हम समाज में चल रही इस मुहिम को रोकने का प्रयास करेंगे.