मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड में प्रस्तावित जल विद्युत परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। ग्राम पंचायत पिंडरई में आयोजित किसान महापंचायत में सैकड़ों किसानों ने परियोजना का विरोध किया। कुछ किसानों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन
किसानों का आरोप है कि प्रशासन ग्राम सभा की सहमति के बिना ही गुपचुप तरीके से सर्वे करा रहा है। उनका कहना है कि बरगी बांध के पानी का लाभ किसानों के बजाय निजी कंपनियों को पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
किसानों के अनुसार, प्रस्तावित हाइड्रो प्रोजेक्ट के तहत बरगी बांध के ऊपर लगभग 25 मीटर ऊंचे दो बांध बनाए जाने की योजना है। इससे पिंडरई माल, जमठार, खापा, निवाड़ी और पौड़ीगांव के 81 किसानों की लगभग 275 एकड़ निजी भूमि अधिग्रहित होगी। इसके अतिरिक्त, करीब 677 एकड़ वन भूमि भी प्रभावित होने की आशंका है।
यह क्षेत्र पेसा एक्ट के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में आता है। नियमानुसार, यहां ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का सर्वे या परियोजना शुरू नहीं की जा सकती। ग्रामीणों का आरोप है कि इन नियमों की अनदेखी की जा रही है।
किसानों ने बताया कि वे कई वर्षों से बरगी बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना की मांग कर रहे हैं, ताकि उनकी खेती को स्थायी पानी मिल सके। महापंचायत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस हाइड्रो प्रोजेक्ट को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 5 जनवरी को उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस मामले में जिले के अपर कलेक्टर राजेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि हाइड्रो इलेक्ट्रिक जनरेशन को लेकर फिलहाल केवल सर्वे कराया गया है। उन्होंने बताया कि अभी कोई योजना स्वीकृत नहीं हुई है और न ही कोई अंतिम निर्णय लिया गया है। अपर कलेक्टर के अनुसार, ग्रामीणों में गलतफहमी के कारण भ्रम की स्थिति बनी है।