दरअसल, चंडीगढ़ में एक बार फिर से मेयर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाल से पहले सियासी उथल-पुथल शुरू हो चुकी है.
लकी ने कहा कि हमने आप लीडर्स को पहले ही चेताया था कि आपके कई काउंसलर बीजेपी के संपर्क में हैं, उन्हें संभालों लेकिन इन्होंने हर चीज इग्नोर किया. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कई काउंसलर हमारे संपर्क में भी हैं औऱ कांग्रेस ज्वाइन करना चाहते हैं, लेकिन हमने ऐसा अभी तक नहीं किया. क्योंकि पिछली बार हम साथ लड़े थे और हम गद्दारी नहीं करना चाहते, लेकिन आम आदमी पार्टी को सोचना चाहिए और अपने काउंसलर पर नजर रखनी चाहिए उनसे बातचीत करनी चाहिए.
वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के काउंसलर यह कहते नजर आ रहे हैं कि हमें तो यह बोला गया है कि इस बार भी कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन है, लेकिन क्लियर अभी तक किसी को नहीं है. न्यूज़ 18 से खास बातचीत में आम आदमी पार्टी के काउंसलर दमनप्रीत सिंह ने बताया कि गठबंधन को लेकर जो कांग्रेस के प्रधान कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी ने संपर्क नहीं किया, यह तो हाई कमान से सारी चीज होगी, लेकिन हमें जो बताया गया है, वह यही है अभी तक कि कांग्रेस के साथ ही मिलकर इस बार इलेक्शन लड़े जाएंगे.
‘आप’ काउंसिलर ने कहा कि हमारे जो काउंसलर बीजेपी में शामिल हुए हैं, क्या उनका लालच रहा है, क्या कमी है रही हैं, इसको लेकर मंथन जारी है. हालांकि, भाजपा यह भी कहती नजर आ रही है कि और भी आम आदमी पार्टी के और काउंसलर उनके संपर्क में है और जल्द ही बीजेपी ज्वाइन करेंगे, इस सवाल पर आम आदमी पार्टी के काउंसलर ने कहा कि जिसको जाना है, हम नहीं रोक सकते, लेकिन जो भी काउंसलर पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, वह उसे वार्ड के लोगों के साथ गद्दारी कर रहे हैं, क्योंकि लोगों ने वोट उन्हें आम आदमी पार्टी को देखकर दिया था. लोग इन्हें माफ नहीं करेंगे.
चंडीगढ़ में क्या है मेयर चुनाव का समीकरण
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में निगम सदन में 35 पार्षद हैं और एक वोट सांसद का रहता है. अभी कांग्रेस के पास 7 और आप के पास 1 पार्षद हैं. उसके दो पार्षद भाजपा में चले गए हैं और अब भाजपा के पास 18 पार्षद है. जीत के लिए बहूमत का आंकड़ा 19 रहता है और ऐसे में अगर कांग्रेस आप से गठबंधन करती है तो दोनों विरोधियों के 18-18 वोट हो जाएंगे और मेयर चुनाव दिलचस्प हो जाएगा.