रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में शिकारियों की गतिविधियां सामने आने से वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार शाम को भीमलत बांध के पास काला कुआ क्षेत्र में एक युवा नर तेंदुआ अज्ञात लोगों द्वारा जंगल में लगाए गए फंदे में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत रही कि समय रहते घटना की जानकारी मिल गई, जिससे तेंदुए की जान बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम को क्षेत्र में मौजूद एक पुलिसकर्मी को ग्रामीणों ने तेंदुए के फंदे में फंसे होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। देर शाम करीब 9 बजे कोटा से पहुंचे रेस्क्यू दल ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित बाहर निकाला। घायल पैंथर को उपचार के लिए कोटा चिड़ियाघर भेजा गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
इस घटना से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के जंगलों में शिकारियों के सक्रिय होने का मामला उजागर हुआ है। इससे इस क्षेत्र में अपना टेरिटरी बनाने के लिए विचरण कर रही बाघिन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले ही बाघिन आरवीटी-8 की इस इलाके में गतिविधियां दर्ज की गई थीं और वह इस क्षेत्र में दो बार आ चुकी है।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
बाघिन आरवीटी-8 के कालदां क्षेत्र में लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को जंगल क्षेत्र में अनावश्यक प्रवेश नहीं करने की हिदायत दी गई है। कालदां क्षेत्र में बाघिन की मॉनिटरिंग टीम के प्रभारी एवं नैनवां के सहायक वन संरक्षक सुनील धाबाई के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो संवेदनशील वन क्षेत्रों की पहचान कर रही हैं।
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बाघिन की निगरानी के लिए वन सुरक्षा समितियों, वन मित्रों, वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है। जंगल में मवेशी ले जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, भीमलत क्षेत्र में पैंथर के फंदे में फंसने की घटना के बाद शिकारियों की धरपकड़ के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
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