राजस्थान में गौर तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ के मामले में लगातार सामने आ रहे हैं। राजस्थान में पिछले पांच वर्षों में कथित गौ-तस्करों से जुड़े 54 पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं में 13 आरोपियों और 9 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। यह जानकारी राज्य के गृह विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2021 से दिसंबर 2025 के बीच पुलिस ने गौ-तस्करी के आरोप में 110 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि 63 आरोपी अभी भी फरार हैं।
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<strong>मेवात में सबसे ज्यादा मुठभेड़-</strong>
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<p>गौ तस्करों से मुठभेड़ के सबसे ज्यादा मामले मेवात इलाके में देखने को मिल रहे हैं। सबसे अधिक मुठभेड़ डीग जिले में हुईं, जहां पुलिस और तस्करों के बीच 22 बार आमना-सामना हुआ। यहां सबसे ज्यादा 51 आरोपी अभी भी फरार बताए गए हैं। अलवर जिले में 12 मुठभेड़ों की घटनाएं सामने आईं, जिनमें 31 कथित गौ-तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 6 आरोपी फरार हैं। वहीं भिवाड़ी में 7 मुठभेड़ों में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 6 आरोपी अभी भी फरार हैं। दौसा में 5 घटनाओं में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। खैरथल-तिजारा जिले में 4 मुठभेड़ हुईं, जिनमें 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। भरतपुर में एक घटना में एक आरोपी को पकड़ा गया।
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<strong>भिवाड़ी में बीएनएस 107 के तहत कार्रवाई</strong>
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राज्य सरकार का कहना है कि गौ-तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने गौ-तस्करी से अर्जित कथित अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, हालांकि यह अभी प्रारंभिक चरण में है। भिवाड़ी जिले के तिजारा थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी साहुन के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और मामला अदालत में विचाराधीन है। अदालत के आदेश के बाद संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है। टपूकाड़ा थाने में दर्ज एक अन्य मामले में गिरफ्तार आरोपी जाकिर और सलीम उर्फ काला की कथित संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इस मामले में अभी चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। इसी तरह भिवाड़ी फेज-3 थाने में दर्ज एक मामले में पुलिस चार गिरफ्तार आरोपियों की उन संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है, जिन्हें कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों से अर्जित किया गया बताया जा रहा है।
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<strong>गौ सेवा नीति 2026 लाने की तैयारी</strong>
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इधर राज्य सरकार ‘गौ सेवा नीति 2026’ जल्द लाने जा रही है। इस दिशा में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, राजस्थान को-ऑपरेटिव गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना जैसी योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे पशुपालकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल रही है। राज्य की पंजीकृत गौशालाओं को भी सहायता दी जा रही है। सरकार बड़ी गाय-बैल जैसे पशुओं पर प्रतिदिन 50 रुपये और छोटे पशुओं पर 25 रुपये का अनुदान दे रही है। सरकार ने किसानों के लिए भी कई कदम उठाए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 9 हजार रुपये मिल रहे हैं। वहीं आगामी वर्ष से गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऊपर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की भी घोषणा की गई है।
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