पंजाब और हरियाणा में ऑर्गन डोनर कम होने की वजह से अंग प्रत्यारोपण करवाने वाले मरीजों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। दोनों राज्यों में फिलहाल 4636 मरीज हैं जिन्हें कोई न कोई अंग प्रत्यारोपित करवाना है।
इनमें सबसे ज्यादा 3355 मरीजों को किडनी चाहिए जबकि अन्य को लिवर, हार्ट, लंग्स और अग्न्याशय का इंतजार है। इन मरीजों का इंतजार इनकी जिंदगी पर भारी पड़ता जा रहा है।
बीते पांच साल 2020-2024 में अंग प्रत्यारोपण के इंतजार में 220 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इनमें 215 हरियाणा और पांच मरीज पंजाब के हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। जागरूकता की कमी, स्वास्थ्य प्रणाली में अविश्वास व परिवार का विरोध अंगदान में कमी के प्रमुख कारण हैं, जिस वजह से मृत्यु या ब्रेन डैड होने के बावजूद लोग अंगदान नहीं करते।
रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में 1042 मरीज किडनी, 879 लिवर, 42 हार्ट, 20 लंग्स और एक व्यक्ति को अग्न्याश्य चाहिए।
पांच साल में 2497 अंग प्रत्यारोपण
वर्ष 2020 से 2024 तक पंजाब में 2497 अंग प्रत्यारोपण हुए हैं जिसमें सबसे अधिक 2479 किडनी प्रत्यारोपण हुए हैं। इसी तरह 16 लिवर, 2 हृदय प्रत्यारोपण हुए हैं। हरियाणा में इस अवधि के दौरान 1765 अंग प्रत्यारोपण हुए। इनमें 1256 किडनी और 511 लिवर प्रत्यारोपण हुए हैं। इसके अलावा पंजाब में 3944 और हरियाणा में 3727 कॉर्निया प्रत्यारोपण भी हुए हैं।
मौत के बाद ये अंग किए जा सकते दान
डॉक्टरों के मुताबिक मौत के बाद अंगदान से एक व्यक्ति कई लोगों की जान बचा सकता है। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद सभी अंग डोनेट किए जा सकते हैं। इसके लिए परिजनों की स्वीकृति लेना अनिवार्य है। ब्रेन डेड मरीज की किडनी, लिवर, फेफड़ा, अग्न्याशय, छोटी आंत, यूट्रस, आंखें, मिडिल ईयर बोन, स्किन, बोन, कोर्निया, हार्ट वाल्व, नर्व्स, अंगुलियां और अंगूठे दान किए जा सकते हैं।
संगठन चला रहा जागरूकता अभियान : राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन नियमित रूप से क्षेत्रीय संगठनों के साथ मिलकर पूरे देश में जागरूकता अभियान चलाता है ताकि अंग और ऊतक दान के बारे में जानकारी फैलाकर दान को बढ़ावा दिया जा सके। वेबसाइट www.notto.mohfw.gov.in पर अंग एवं ऊतक दान से संबंधित जानकारी प्रसारित की जाती है।
पंजाब में पहले से हालात सुधरे हैं। अब लोग अंगदान के लिए अधिक जागरूक हो रहे हैं। हालांकि अभी भी मरीजों को अंग प्रत्यारोपण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या के हल के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अंगदान के लिए लोगों को शपथ दिलाई जा रही है। काफी संख्या में लोगों को साथ जोड़ा जा रहा है। पहले श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस और अब शहीदी जोड़ मेले में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। – गगनीन कौर संधू, नोडल अधिकारी, राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, पंजाब
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