बुरहानपुर जिले में SIR (मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण) के दौरान सामने आए करीब 40 हजार से अधिक फर्जी आपत्तियों के मामले ने अब सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता अजय रघुवंशी ने प्रेस वार्ता में इस पूरे प्रकरण का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा खेल नेपानगर विधायक मंजू दादू के इशारे पर उनके कार्यकर्ताओं द्वारा रचा गया।
रघुवंशी ने दावा किया कि आपत्तिकर्ता रितुराज से फोन पर हुई बातचीत में उसने खुद स्वीकार किया कि उसके नाम से दो-तीन आपत्तियां लगाई गई हैं। बातचीत के दौरान रितु राज द्वारा कहे गए शब्द “दीदी और अपन साथ में बैठ जाएंगे… आप भी दीदी के बाहर नहीं हो और हम भी आपके बाहर नहीं हैं” इस बात की ओर इशारा करते हैं कि पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण मौजूद है। यह ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद विधायक मंजू दादू की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि यह फर्जी आपत्तियां जानबूझकर कांग्रेस समर्थकों, खासकर दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाकर लगाई गईं, ताकि उनके नाम मतदाता सूची से हटवाए जा सकें। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के नाम से आपत्तियां दर्ज हैं, उनमें से कई बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, देवास और खरगोन जैसे स्थानों के बताए जा रहे हैं, जिन्हें खुद यह नहीं पता कि बुरहानपुर कहां स्थित है।
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जिलाध्यक्ष हेमंत पाटिल ने प्रशासन और चुनाव आयोग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि बिना सत्यापन इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियां कैसे स्वीकार कर ली गईं। वहीं बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक किसी भी फर्जी आपत्तिकर्ता पर एफआईआर दर्ज नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन का रूप ले सकता है।
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