गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस के 33 अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को मिला, जिन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े चुनौतीपूर्ण हालात में अपनी जान जोखिम में डालकर जिम्मेदारी निभाई। इस बार के पदक न सिर्फ बहादुरी, बल्कि लंबे समय तक की गई समर्पित और ईमानदार सेवा की भी गवाही देते हैं।
वीरता के लिए दिए गए राष्ट्रपति पदकों में सबसे अधिक चर्चा स्पेशल सेल के उन अधिकारियों और जवानों की रही, जिन्होंने अलग-अलग अभियानों में खतरनाक आतंकियों और शार्प शूटर्स को दबोचने में अहम भूमिका निभाई। स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी पीएस कुशवाहा समेत 14 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक मिला। इन अभियानों के दौरान कई बार पुलिस टीम आमने-सामने की मुठभेड़ में फंसी, लेकिन सूझबूझ और साहस से हालात को काबू में किया गया। इन कार्रवाइयों से राजधानी में बड़े हमलों की आशंका टल सकी।
विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त एसआई गजेंद्र सिंह राणा और महिला एसआई नवल कुमारी को राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया। दोनों अधिकारियों ने अपने लंबे सेवा काल में प्रशिक्षण, जनसंपर्क और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया। इसके अलावा 17 अधिकारियों और कर्मचारियों को सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक मिला। इनमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों से लेकर निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों ने प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार, जांच, ट्रैफिक प्रबंधन और जनसुरक्षा से जुड़े कामों में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ पूरी दिल्ली पुलिस टीम के मनोबल को मजबूत करता है। राजधानी में बढ़ती चुनौतियों के बीच ऐसे सम्मान पुलिसकर्मियों को और बेहतर काम करने की प्रेरणा देते हैं।
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