पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर स्टेशनगंज थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास नाकेबंदी कर दो पिकअप वाहनों को रोका। वाहनों में बाल्टियों में पानी भरकर ऊपर से तिरपाल से ढक कर मछलियां ले जाई जा रही थीं। जांच में प्रत्येक वाहन में करीब 1500-1500 किलो मछली पाई गई। वाहन क्रमांक MH-49-BZ-2008 और MH-49-BZ-5655 को जब्त कर लिया गया।
बड़े गड्ढे में दफनाई गई मछलियां
मत्स्य विभाग की उपस्थिति में जब्त मछलियों को पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। मत्स्योद्योग विभाग की सहायक संचालक बबीता चौरसिया ने बताया कि जांच में पुष्टि हुई है कि यह मछली थाईलैंड मूल की प्रतिबंधित प्रजाति है, जिस पर वर्ष 2000 से प्रतिबंध है।
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नागपुर के तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने नागपुर निवासी सतीश परिहार, सतीश गोंड और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मछलियों को बनखेड़ी क्षेत्र में खपाने की तैयारी थी। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरा
मत्स्य विभाग के अनुसार थाई मांगुर मछली अत्यंत आक्रामक प्रजाति है, जो स्थानीय मछलियों को तेजी से खत्म कर देती है। इसे गंदे और प्रदूषित पानी में सड़े हुए मांस से पाला जाता है, जिससे इसके सेवन से कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
एसपी नरसिंहपुर ने कहा कि इस तरह की तस्करी से न सिर्फ जल पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचता है, बल्कि स्थानीय मछुआरों की रोजी-रोटी भी प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अब इस रैकेट के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुट गई है और आमजन से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।