लंगड़े आरोपी से झाबुआ तक पहुंचीं पुलिस टीम
वहीं खंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय के अनुसार, खंडवा के पुनासा स्थित कृष्णा ज्वेलर्स से 9 जनवरी को 6 से 7 बदमाशों ने हथियार के बल पर फायर करते हुए सोने-चांदी के गहनों से भरे दो बैग लूट लिए थे। जिसके बाद से ही थाना नर्मदानगर में मामला दर्ज कर जांच हेतु तीन विशेष टीम बनायी गईं थीं। पुलिस ने फरियादी एवं चश्मदीद गवाहों के आधार पर आरोपियों के स्केच तैयार किए थे।
इनमें से एक प्रमुख आरोपी द्वारा फायर किया जाना मालूम चला जिसके चलने में लचक (लंगड़ाहट) थी। उसे मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित कर 12 संगठित गिरोहों पर जांच शुरू हुई। इस जांच में झाबुआ की सकरिया रतन गैंग घटना के समय क्षेत्र से गायब मिली। इस पर झाबुआ में तीन पुलिस टीमों को गुप्त रूप से तैनात किया गया, जिन्होंने फील्ड में रहकर बदमाशों के मूवमेंट और ठहरने की जानकारी जुटाई और आरोपियों के क्षेत्र से बाहर आते ही घेराबंदी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
71 लाख से अधिक का माल हुआ बरामद
इधर पकड़े गए आरोपियों में सकरिया पिता झीतरा वसुनिया, रतन पिता नाहरू उर्फ नारू, और विनोद पिता धन्ना उर्फ धनसिंग डामोर सभी निवासी झाबुआ हैं । जिनके कब्जे से 500 ग्राम सोने के गहने सहित एक 12 बोर देशी पिस्टल और एक लाख रु नगद एवं 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए । पुलिस के अनुसार जप्त माल की कीमत लगभग 71.5 लाख रु बताई जा रही है एवं शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। ये सभी आदतन एवं संगठित अंतर्राज्यीय अपराधी हैं, जिनके खिलाफ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात के कई थानों में हत्या, डकैती, लूट तथा अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज पाए गए हैं।
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