खैराबाद। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व कृषि विभाग की टीम ने शनिवार शाम जमैयतपुर स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर खाद की 2633 बोरियां पकड़ीं। बिना पंजीकरण के ही इस गोदाम में खाद का भंडारण किया जा रहा था। अधिकारियों ने गोदाम को सील कर दिया है। जांच की जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी संजीव कमार सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के अलावा जीएसटी के पोर्टल पर भी गोदाम का पंजीकरण नहीं मिला। इस वजह से संयुक्त कार्रवाई की गई। जीएसटी के अधिकारी मौके से छह ट्रकों को पकड़कर जिला मुख्यालय ले गए हैं। जिलाधिकारी को मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है।
जमैयतपुर में मेसर्स जैन इंटरप्राइजेज के नाम से सुधीर जैन का एक गोदाम है। यह गोदाम बिना पंजीकरण के चल रहा था। आरोप है कि यहां से बिना ई वे बिल जनरेट किए ट्रकों से खाद को ढोया जा रहा था। सूचना पर जीएसटी व कृषि विभाग की टीम ने गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान टीम को गोदाम के अंदर गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स की खाद की 2633 बोरियां मिलीं।
जब टीम में शामिल अधिकारी गोदाम परिसर में दाखिल हुए तो ट्रकों से खाद गोदाम में उतारी जा रही थी। अफसरों को देखते ही गोदाम के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। यहां खाद की बोरियों से लदे छह ट्रक खड़े थे। अधिकारियों ने मौके पर फर्म की जांच की। पता चला कि मेसर्स जैन इंटरप्राइजेज फर्म पंजीकृत है। हालांकि यह गोदाम न तो कृषि विभाग के पोर्टल पर चढ़ा था और न ही जीएसटी पोर्टल पर इसे दर्ज कराया गया था। बिना पंजीकरण के ही गोदाम से खाद अनाधिकृत रूप से ढोई जा रही थी।
बताते हैं कि डीएम डॉ. राजा गणपति आर को फोन कर किसी ने नकली खाद की खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी। इसके बाद डीएम ने गोपनीय तरीके से जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह, नायब तहसीलदार वसुंधरा त्रिपाठी, जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार व जीएसटी सचल दल को मौके पर भेजा। इसके बाद यह गड़बड़ी पकड़ में आई।
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