छिंदवाड़ा जिले के रोहना कला गांव में बुखार के इलाज के लिए गए 26 वर्षीय युवक की कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर बुधवार को देहात थाना पुलिस ने दो झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कार्रवाई सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई।
25 अगस्त को लगवाया था इंजेक्शन
जानकारी के अनुसार, रोहना कला निवासी रमन चौहान (26) को बुखार आने पर 25 अगस्त को गांव में ही अरुण साहू (48) के पास इलाज के लिए ले जाया गया। आरोप है कि अरुण साहू के पास चिकित्सा की कोई वैध डिग्री नहीं थी, इसके बावजूद वह मरीजों का उपचार कर रहा था। परिजनों का कहना है कि अरुण साहू ने रमन को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इंजेक्शन के बाद शरीर में संक्रमण फैल गया और हालत गंभीर हो गई। बाद में उपचार के दौरान उसी दिन 25 अगस्त को रमन की मौत हो गई।
कलेक्टर के निर्देश पर बनी जांच टीम
घटना के बाद परिजनों ने छिंदवाड़ा कलेक्टर से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए। सीएमएचओ द्वारा गठित जांच टीम में डॉ. सुदेश नागवंशी और डॉ. अर्चना कैंथवास को शामिल किया गया। टीम ने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उल्लेख किया गया कि गलत इंजेक्शन लगाने से युवक के शरीर में संक्रमण हुआ, जो उसकी मृत्यु का कारण बना।
देर शाम दर्ज हुआ अपराध
जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद बुधवार देर शाम देहात थाने में अपराध क्रमांक 75/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना), 271, नेशनल मेडिकल काउंसिल एक्ट 2019 की धारा 34 तथा मध्य प्रदेश आयुर्वेद विज्ञान अधिनियम की धारा 24 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
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थाना प्रभारी बोले- विवेचना जारी
देहात थाना प्रभारी जी.एस. राजपूत ने बताया कि मामले में आगे की विवेचना की जा रही है। दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर वैधानिक कार्रवाई जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में बिना डिग्री के इलाज करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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