एसपी राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी वॉट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों से अश्लील चैट और वीडियो कॉल करते थे। बाद में उनकी रिकॉर्डिंग कर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। केस सेटलमेंट के नाम पर आरोपियों द्वारा पीड़ितों से रकम वसूली जाती थी। पुलिस ने अलग-अलग थानों में दर्ज चार एफआईआर के आधार पर कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सात चारपहिया वाहन, एक मोटरसाइकिल, 29 मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और एक लाख 20 हजार रुपये नगद सहित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।
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एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी वॉट्सएप अकाउंट बनाते थे। ऑनलाइन चैटिंग के इच्छुक लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते। अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल करते। पूरी कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर लेते। फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते। दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देते। डिजिटल अरेस्त और केस सेटलमेंट के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा लेते। सामाजिक बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से कई पीड़ित बड़ी रकम भेज देते थे।
पुलिस ने 32 आरोपियों को नामजद किया था। अब तक 20 गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक आरोपी ने ठगी के पैसों से आलीशान मकान बनवाया था, जिसकी रजिस्ट्री भी पुलिस ने जब्त कर ली है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान वीडियो कॉल या अश्लील चैट से बचें। किसी भी “डिजिटल अरेस्ट” कॉल से घबराएं नहीं। तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। सोशल मीडिया और चैटिंग एप्स का इस्तेमाल सतर्कता से करें।
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