खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेवात क्षेत्र से सिंथेटिक और मिलावटी पनीर सुबह के समय किशनगढ़ और खैरथल क्षेत्र में सप्लाई के लिए लाया जाता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने सुबह करीब छह बजे किशनगढ़ सर्किल पर नाकाबंदी की।
नाकाबंदी के दौरान सफेद रंग की ईको कार को रुकवाकर जांच की गई। वाहन में रखी पांच पेटियों में करीब 180 किलो पनीर मिला। मौके पर मौजूद मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन से पनीर की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें यह मिलावटी और सिंथेटिक पाया गया। पनीर से दुर्गंध भी आ रही थी, जिससे उसके खराब होने की आशंका भी जताई गई।
पूछताछ में वाहन चालक ने बताया कि उक्त पनीर किशनगढ़ और खैरथल कस्बों में 170 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जाता है। विभाग ने पनीर के नमूने लेकर खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय टीम ने करीब 180 किलो सिंथेटिक, मिलावटी एवं बदबूदार पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा विभाग के महिपाल सिंह और सुभाष यादव भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि होली जैसे त्योहारों के दौरान मावा, पनीर और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग मिलावटी खाद्य पदार्थ बाजार में उतारने की कोशिश करते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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