उन्होंने बताया कि शुरू किए गए सभी 15 कोर्स पूरी तरह उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर इंस्टॉलेशन व मेंटेनेंस, साइबर सिक्योरिटी और 3डी प्रिंटिंग जैसे आधुनिक कोर्स शामिल हैं। बाड़मेर जैसे दूर-दराज और सीमावर्ती जिले में पहली बार एआई आधारित कोर्स शुरू होना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह सभी कोर्स न केवल कॉलेज के नियमित छात्रों के लिए, बल्कि बाहर से आने वाले स्किल डेवलपमेंट के इच्छुक युवाओं के लिए भी खुले रहेंगे। इससे छात्र अपनी इंजीनियरिंग पढ़ाई के साथ अतिरिक्त सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे, जिससे नौकरी मिलने की संभावना और बढ़ जाएगी। कॉलेज का उद्देश्य छात्रों को बहु-कुशल बनाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर पर रहकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसर पा सकें।
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एडमिशन की अहम तारीखें
कॉलेज प्रशासन के अनुसार 3 जनवरी को कोर्स की घोषणा की गई है। 6 जनवरी से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदन करने की अंतिम तारीख 5 फरवरी 2026 है। 7 फरवरी को मेरिट के आधार पर सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट जारी किया जाएगा। 9 और 10 फरवरी को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस जमा होगी। खाली सीटों के लिए 11 से 20 फरवरी तक स्पॉट एडमिशन होगा। कक्षाएं 11 फरवरी से शुरू होंगी।
रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे
बाड़मेर की अर्थव्यवस्था तेल-गैस, खनिज और नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित है। रिफाइनरी और सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स के कारण यहां बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। इन नए स्किल कोर्स के जरिए स्थानीय युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा, ताकि उन्हें बाहर से आने वाले लोगों पर निर्भर न रहना पड़े और जिले में ही रोजगार मिल सके।
एआई कोर्स की खासियत
आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऊर्जा, उद्योग और टेक्नोलॉजी के हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है। स्मार्ट ग्रिड, मशीन में खराबी का पहले पता लगाना, ड्रोन सर्वे और डेटा एनालिसिस जैसे कामों में एआई की बड़ी भूमिका है। इन कोर्स के जरिए छात्र मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और कंप्यूटर विजन जैसी आधुनिक तकनीक सीख सकेंगे। इस पहल से बाड़मेर के युवाओं को अपने जिले में ही आधुनिक शिक्षा, स्किल और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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