छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन से माओवादियों में भय का माहौल है। इसके परिणामस्वरूप लगातार माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसी कड़ी में ओडिशा के बलांगीर-बरगढ़ और छत्तीसगढ़ के महासमुंद क्षेत्र के नक्सलियों ने आत्मसमर्पण की इच्छा व्यक्त की है।
माओवादियों की ओडिशा राज्य कमेटी के पश्चिम सब जोनल ब्यूरो सचिव विकास ने एक पत्र जारी किया है। यह पत्र छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा और महासमुंद पुलिस अधीक्षक के नाम भेजा गया है। पत्र में समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की इच्छा जाहिर की गई है।
इसके अनुसार, बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद इलाके में सक्रिय करीब पंद्रह माओवादी आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। यह आत्मसमर्पण दो या तीन मार्च को होने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवादियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार की चिंता न करें। संबंधित जिले के पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर आत्मसमर्पण करें।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने माओवादियों को आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार उनका स्वागत करेगी। उनके पुनर्वास के लिए सभी संभव उपाय किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री की यह अपील आकाशवाणी द्वारा भी प्रसारित की जा रही है। यह कदम माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित करेगा। सरकार शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ सरकार का एंटी नक्सल ऑपरेशन प्रभावी साबित हो रहा है। इससे नक्सली गतिविधियों में कमी आई है। माओवादियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। यह दबाव उन्हें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर रहा है। सरकार की नीति से क्षेत्र में शांति स्थापित होने की उम्मीद है। यह क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.