कस्बे से थिथौला की ओर आ रहे नाले के पानी से 1000 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो गई है। खेतों में लगातार पानी भरने से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं जिससे क्षेत्र के किसानों में आक्रोश है।
थिथौला व गाधारोणा के किसान असगर, समीम, कुर्बान, सचिन, राम सिंह सहित अन्य किसानों का कहना है कि लंढौरा कस्बे से निकलने वाला पानी उनके खेतों में भर जाता है जिससे फसलें सड़ रही हैं। भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि इस समस्या को लेकर नपं के अधिशासी अधिकारी और नपं अध्यक्ष को कई बार अवगत कराया गया लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज होकर कुछ ग्रामीणों ने नाले को तोड़कर पानी की दिशा बदल दी जिससे लंढौरा की ओर स्थित एक किसान के खेत में पानी भर गया।
उसकी भी कई बीघा फसल बर्बाद हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर रविवार देर शाम तहसीलदार युसूफ अली मौके पर पहुंचे और टूटे हुए नाले व थिथौला के ग्रामीणों की खराब हुई फसलों का निरीक्षण किया। तहसीलदार ने बताया कि फिलहाल अस्थायी समाधान के तौर पर कच्चा नाला बनाने पर विचार किया जा रहा है ताकि पानी की निकासी हो सके।
किसानों को राहत मिल सके। साथ ही कस्बे की ओर से आने वाले नाले में पन्नी व अन्य कचरे को रोकने के लिए एक जाली लगा दी जाएगी जिससे कचरा आदि खेतों में न जा सके। किसानों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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